क्रिकेट

करुण नायर की दूसरी पारी: संन्यास की सलाह ठुकराकर फिर टीम इंडिया में की दमदार वापसी

टीम इंडिया को 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है. जब इस सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा हुई, तब एक नाम ने फैंस को खासा उत्साहित कर दिया—करुण नायर. लंबे समय बाद टीम इंडिया में वापसी करने वाले इस बल्लेबाज़ की कहानी सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि ज़िद, जुनून और खुद पर भरोसे की मिसाल है.

संन्यास की सलाह, लेकिन नहीं मानी हार
एक इंटरव्यू में करुण नायर ने खुलासा किया कि दो साल पहले एक सीनियर भारतीय क्रिकेटर ने उन्हें फोन कर संन्यास लेने की सलाह दी थी. उस क्रिकेटर का कहना था कि फ्रेंचाइजी लीगों से मिलने वाला पैसा करुण को आर्थिक रूप से सुरक्षित कर सकता है. मगर करुण ने उस सलाह को मानने से इनकार कर दिया. उनका कहना था, “अगर मैंने पैसा देखकर रिटायरमेंट लिया होता, तो खुद को कभी माफ़ नहीं कर पाता.”

डोमेस्टिक से काउंटी तक, संघर्ष की दास्तान
2022 में घरेलू सीजन के बाद करुण को कर्नाटक की टीम से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद उन्होंने 14 महीनों तक प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट नहीं खेला. लेकिन हार नहीं मानी. नॉर्थम्पटनशायर से काउंटी कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया और चयनकर्ताओं का ध्यान फिर से खींचा.

रिकॉर्ड्स जो दिलाते हैं करुण की अहमियत का एहसास
करुण नायर ने भारत के लिए अब तक 6 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 62.33 की औसत से 374 रन बनाए हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 303* रहा है. भारत के लिए वीरेंद्र सहवाग और नायर ही ऐसे दो बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने टेस्ट में तिहरा शतक जड़ा है. इंग्लैंड के खिलाफ उनके पिछले आंकड़े—3 टेस्ट में 160 की औसत से 320 रन—उनकी क्षमता का प्रमाण हैं.

अब इंग्लैंड के खिलाफ है खुद को फिर साबित करने की बारी
फैंस की उम्मीदें करुण नायर से एक बार फिर बढ़ गई हैं. यह टेस्ट सीरीज उनके लिए सिर्फ एक क्रिकेट मुकाबला नहीं, बल्कि अपने संघर्ष और जज्बे को इतिहास में दर्ज कराने का मौका है. अब देखना होगा कि क्या वह एक बार फिर बल्ले से धमाका कर भारत को गौरवान्वित करेंगे.