
Jasprit Bumrah ने आखिरकार किया खुलासा, बोले ‘BCCI कराना चाहता था कप्तानी, लेकिन फिर..’
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह मौजूदा समय में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का हिस्सा हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया सीरीज के लिए तैयार है। इस सीरीज से पहले रोहित शर्मा ने टेस्ट से रिटायरमेंट ली है। जिसके बाद जसप्रीत बुमराह भी कप्तानी की रेस में शामिल थे। लेकिन वो कप्तान नहीं बने। आखिरकार अब उन्होंने कप्तानी को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
बुमराह ने कप्तानी को लेकर चुप्पी
भारतीय टीम की कप्तानी की रेस में जसप्रीत बुमराह शामिल थे, लेकिन अब कप्तान बनाए जाने को लेकर उन्होंने चुप्पी तोड़ ही दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया है कि अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की चयन समिति के लिए वह कप्तान के तौर पर पहली पसंद थे। लेकिन वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते उन्हें इसे ठुकराना पड़ा। इसी वजह से रोहित शर्मा के संन्यास के बाद शुभमन गिल को टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया है। साथ ही ऋषभ पंत को उप-कप्तानी सौंपी गई है।
जसप्रीत बुमराह ने वर्कलोड को लेकर क्या कहा
तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने बताया कि IPL के दौरान रोहित शर्मा और विराट कोहली के रिटायर होने से पहले मैंने बीसीसीआई ने 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में अपने वर्कलोड के बारे में बात की थी। मैंने उन लोगों से बात की है। उन्होंने आगे कहा कि जिन्होंने उनकी पीठ का इलाज किया है, उस सर्जन से उन्होंने बात की, जिन्होंने हमेशा कहा है कि वर्कलोड के बारे में कितना सतर्क रहना है। इसपर बुमराह ने कहा है कि इसलिए इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि मुझे थोड़ा सतर्क होना होगा। मैंने BCCI को फोन किया और कहा कि मैं नेतृत्व की भूमिका में नहीं देखा जाना चाहता, क्योंकि मैं पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में सभी टेस्ट मैच नहीं दे पाऊंगा।
दो मैचों में टीम का हिस्सा नहीं होंगे बुमराह
भारतीय टीम और इंग्लैंड के बीच में 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जानी है। लेकिन इस सीरीज में जसप्रीत बुमराह सिर्फ तीन मैच का ही हिस्सा रहेंगे। इस पर खिलाड़ी ने कहा कि बीसीसीआई टीम इंडिया के नेतृत्व के लिए मेरी ओर देख रहा था। हालांकि, फिर मुझे कहना पड़ा कि नहीं। ये टीम के लिए भी ठीक नहीं है। आप जानते हैं कि पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में तीन मैचों की कप्तानी कोई और कर रहा है, दो मैचों की कप्तानी कोई और कर रहा है। यह टीम के लिए उचित नहीं है। मैं हमेशा टीम को पहले रखना चाहता था।




