
ओलंपियन रूपिंदर और साथियों ने थामा राहत मोर्चा, खेल के चैम्पियन बने इंसानियत के हीरो, हजारों लोगों की जान बचाने में जुटे
ओलंपियन रूपिंदर पाल सिंह, गुरविंदर सिंह चांडी और जुगराज सिंह पंजाब में बाढ़ राहत कार्यों में जुटे। इन हॉकी सितारों ने हजारों लोगों को बचाया, राशन और दवाइयां पहुंचाईं और इंसानियत के हीरो बनकर उम्मीद की नई मिसाल पेश की।
पंजाब में बाढ़ से मचे हाहाकार के बीच हॉकी मैदान के सितारे अब राहत कार्यों में भी चमक रहे हैं। टोक्यो ओलंपिक 2020 के कांस्य पदक विजेता रूपिंदर पाल सिंह, लंदन ओलंपिक 2012 में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके गुरविंदर सिंह चांडी और जूनियर विश्वकप विजेता जुगराज सिंह ने अपने गृह राज्य में डूबते गांवों के लिए राहत अभियान शुरू किया है।
राहत कार्यों में जुटे तीनों खिलाड़ी
गुरदासपुर जिले में तीनों खिलाड़ी प्रशासन और स्थानीय युवाओं के साथ मिलकर लोगों को सुरक्षित निकालने, राशन और दवाइयां पहुंचाने और मेडिकल कैंप लगाने में मदद कर रहे हैं। दीनानगर उप-मंडल में खुद राहत कार्यों की कमान संभाल रहे रूपिंदर पाल सिंह ने बताया कि शुरुआती तीन दिनों में हालात इतने खराब थे कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी गांवों तक नहीं पहुंच पा रही थीं। इसके बावजूद नौजवानों ने हिम्मत दिखाई और 26 अगस्त से अब तक सिर्फ इस इलाके से ही 1,500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
छह फुट चार इंच लंबे रूपिंदर सिंह जिन्होंने भारत के लिए 223 मैच खेले और टोक्यो में कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। उनका मानना है कि टीमवर्क ही इस कठिन समय में सबसे बड़ा सहारा है। जब यह खबर फैली कि एक ओलंपियन राहत कार्य कर रहा है, तो और लोग भी मुहिम में जुड़ गए।
गुरविंदर सिंह चांडी ने दिखाई मानवीयता
गुरविंदर सिंह चांडी ने भी राहत प्रयासों को मानवीय पहलू से जोड़ा। उन्होंने एक सर्पदंश पीड़ित को अस्पताल तक पहुंचाने, एक दुल्हन को उसके विवाह स्थल तक सुरक्षित ले जाने और एक गर्भवती महिला को सुरक्षित निकालने की घटनाएं साझा कीं। अगले ही दिन उस महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया।
असली चुनौती अभी बाकी-जुगराज सिंह
जुगराज सिंह का मानना है कि असली चुनौती अभी बाकी है। उनके मुताबिक, “पहली प्राथमिकता बचाव थी, अब दवाइयों और राशन की व्यवस्था हो रही है। लेकिन असली काम पानी उतरने के बाद शुरू होगा, जब घर और खेतों को फिर से खड़ा करना होगा।”
22,938 लोगों को सुरक्षित निकाला गया- पंजाब सरकार
पंजाब सरकार के मुताबिक, अब तक 22,938 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, 219 राहत शिविर खोले गए हैं जिनमें 5404 लोग शरण लिए हुए हैं। बाढ़ ने राज्य के सभी 23 जिलों के 2050 गांवों में तबाही मचाई है, जिससे करीब 20 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 48 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है।
इंसानियत के मैदान में उम्मीद की किरण बनकर खड़े खिलाड़ी
हॉकी मैदान पर भारत को गौरवान्वित करने वाले ये खिलाड़ी अब इंसानियत के मैदान में उम्मीद की किरण बनकर खड़े हैं। पंजाब की मिट्टी में जन्मे ये हीरो बता रहे हैं कि असली जीत मेडल से नहीं, बल्कि इंसानियत की सेवा से मिलती है।
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