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भारत के टी20 विकेट मशीन: कौन है वो गेंदबाज जिसने सिर्फ 3 साल में सबको पीछे छोड़ा?

भारतीय टी20 क्रिकेट में गेंदबाजों ने अपनी धाक जमाई है। अर्शदीप सिंह ने 3 साल में 99 विकेट लेकर नया रिकॉर्ड बनाया। चहल, बुमराह, हार्दिक और भुवनेश्वर ने भी शानदार परफॉर्मेंस से दिखा दिया कि विकेट ही मैच जिताते हैं।

टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को अक्सर बल्लेबाजों का खेल कहा जाता है, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने इस मिथक को तोड़ दिया है. चाहे पावरप्ले हो, मिडल ओवर्स या डेथ ओवर्स – भारतीय गेंदबाजों ने बार-बार साबित किया है कि मैच केवल चौके-छक्कों से नहीं बल्कि विकेट से भी जीते जाते हैं.

अर्शदीप सिंह – 3 साल में सबसे आगे
सिर्फ 2022 से 2025 के बीच खेले गए 63 मैचों में 99 विकेट लेकर अर्शदीप सिंह ने टी20 में नई मिसाल कायम की है. 4/9 का उनका बेस्ट स्पेल और 18.30 का औसत उन्हें भारत का सबसे सफल टी20 गेंदबाज बनाता है. खास बात यह है कि डेथ ओवर्स में उनकी सटीक यॉर्कर बल्लेबाजों को सांस नहीं लेने देते.

युजवेंद्र चहल – स्पिन का मास्टर
2016 से 2023 तक 80 मैचों में 96 विकेट चटकाने वाले चहल भारत के सबसे भरोसेमंद स्पिनर रहे हैं. उनका 6/25 का रिकॉर्ड तो आज भी टी20 इंटरनेशनल इतिहास में किसी भारतीय का सबसे बेहतरीन आंकड़ा है. मिडल ओवर्स में उनकी गेंदबाजी ने कई बार मैच का रुख बदल दिया है.

हार्दिक पांड्या – ऑलराउंड परफॉर्मर
बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी से भी कमाल करने वाले हार्दिक ने 116 मैचों में 95 विकेट हासिल किए हैं. उनका बेस्ट स्पेल 4/16 रहा है. एशिया कप में हालिया परफॉर्मेंस के बाद उम्मीद है कि वह जल्द ही भारत के टॉप विकेट-टेकर बन सकते हैं.

जसप्रीत बुमराह – इकॉनमी के बादशाह
72 मैचों में 92 विकेट और सिर्फ 6.29 की इकॉनमी रेट के साथ बुमराह का नाम टी20 के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में आता है. 3/7 के उनके बेस्ट स्पेल ने कई बार विपक्षी टीम की कमर तोड़ी है.

भुवनेश्वर कुमार – स्विंग के जादूगर
87 मुकाबलों में 90 विकेट और 5/4 का बेस्ट स्पेल, भुवनेश्वर कुमार को भारत का स्विंग किंग बनाता है. पावरप्ले और डेथ दोनों ओवर्स में उनका जादू चलता है.

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