टेनिस

बीजिंग में अनीसीमोवा का टेनिस तूफान: फाइनल में 6-0 की सुनामी से हिली नोस्कोवा!

बीजिंग चीन ओपन फाइनल में अमांडा अनीसीमोवा ने लिंडा नोस्कोवा को 6-0, 2-6, 6-2 से हराकर धमाकेदार जीत दर्ज की. यह उनका दूसरा WTA 1000 खिताब है, जिससे वह विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंचीं।

बीजिंग के इंडोर हार्ड कोर्ट पर रविवार को अमेरिकी स्टार अमांडा अनीसीमोवा ने ऐसा खेल दिखाया जिसने दर्शकों को दंग कर दिया. चीन ओपन के फाइनल में उतरते ही उन्होंने अपनी लय पकड़ ली और पहले सेट में लिंडा नोस्कोवा को 6-0 से रौंद दिया. अनीसीमोवा के आक्रामक सर्व और धारदार बैकहैंड ने चेक खिलाड़ी को संभलने का कोई मौका नहीं दिया. हर पॉइंट पर उनकी कोर्ट कवरेज और टाइमिंग विश्वस्तरीय थी.

दूसरा सेट: नोस्कोवा की वापसी की कोशिश
दूसरे सेट में कहानी बदली. 20 वर्षीय लिंडा नोस्कोवा ने हार मानने से इनकार करते हुए शानदार पलटवार किया. उनकी बेसलाइन हिट्स और नेट गेम ने अमांडा की लय बिगाड़ दी. नतीजा—नोस्कोवा ने दूसरा सेट 6-2 से अपने नाम किया. इस वक्त लगा कि मुकाबला किसी भी दिशा में जा सकता है. बीजिंग की भीड़ भी युवा चेक खिलाड़ी के जोश में डूब गई थी.

निर्णायक सेट: अनुभव ने दी जीत की मुहर
मुकाबला अब आखिरी सेट पर आ टिका था और यहां अनीसीमोवा का अनुभव और फिटनेस काम आई. तीसरे सेट में उन्होंने एक बार फिर शुरुआती बढ़त बनाई और शानदार बैकहैंड विनर के साथ मैच खत्म किया—स्कोरलाइन 6-0, 2-6, 6-2. यह जीत न सिर्फ उनका पहला चीन ओपन खिताब है बल्कि इस सीजन का दूसरा WTA 1000 ट्रॉफी भी.

रैंकिंग में उछाल और नया मुकाम
इस जीत के साथ अनीसीमोवा अब विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंच गई हैं. इससे पहले वह इस साल यूएस ओपन और विंबलडन की उपविजेता रह चुकी हैं. वहीं, नोस्कोवा ने भले खिताब गंवाया हो, लेकिन 2009 के बाद से WTA 1000 के फाइनल में पहुंचने वाली चेक गणराज्य की सबसे युवा खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया.

W88 Sports News