
ईरानी कप फाइनल बना जंग का मैदान! जब ‘दो यश’ आए आमने-सामने— बल्ला-गेंद नहीं, मैदान पर बोला गुस्सा
ईरानी कप फाइनल में विदर्भ ने रेस्ट ऑफ इंडिया को 93 रन से हराया, लेकिन यश ठाकुर और यश ढुल की भिड़ंत ने जीत को विवाद में बदल दिया. मैदान पर गुस्से ने जश्न की जगह ले ली।
नागपुर की गर्म दोपहरी में ईरानी कप का फाइनल न सिर्फ रोमांच, बल्कि विवाद का मैदान भी बन गया. रणजी चैंपियन विदर्भ ने रेस्ट ऑफ इंडिया को 93 रन से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा तो किया, लेकिन मुकाबले का अंत उस तरह नहीं हुआ, जैसा भारतीय क्रिकेट चाहती थी. जीत की खुशी के बीच, दो युवा सितारे — यश ठाकुर और यश ढुल — आपस में भिड़ गए. कुछ ही पलों में माहौल ऐसा बन गया जैसे गेंद और बल्ले की जंग अब गुस्से की आग में बदल गई हो.
63वां ओवर: जब जश्न बना विवाद का विस्फोट
रेस्ट ऑफ इंडिया 361 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी. यश ढुल शानदार लय में थे — 92 रन बनाकर अपने शतक से सिर्फ आठ कदम दूर. तभी विदर्भ के तेज़ गेंदबाज यश ठाकुर गेंद लेकर आए. उनकी पहली ही गेंद पर ढुल ने अपर कट खेला, लेकिन थर्ड मैन पर फील्डर ने शानदार कैच लपक लिया. विदर्भ का कैंप झूम उठा, मगर ठाकुर का जश्न कुछ ज़्यादा ही उग्र हो गया. वे सीधे ढुल के सामने जाकर चिल्लाते हुए जश्न मनाने लगे — और यहीं से फट पड़ा तूफ़ान.
दोनों यश आमने-सामने: मैदान पर बढ़ा तनाव
यश ढुल को गेंदबाज का यह बर्ताव नागवार गुज़रा. उन्होंने तुरंत पलटकर जवाब दिया, और देखते ही देखते बहस तेज़ हो गई. यश ठाकुर के तेवर इतने आक्रामक थे कि एक पल के लिए ऐसा लगा, मानो बात हाथापाई तक पहुंच जाएगी. अंपायर और बाकी खिलाड़ी तुरंत बीच-बचाव में आए और किसी तरह माहौल को शांत कराया. लेकिन ठाकुर तब भी कुछ कहते हुए नज़र आए, जबकि ढुल ने संयम दिखाते हुए पवेलियन की राह पकड़ी.
जीत के बावजूद विवाद की छाया
विदर्भ ने मुकाबला 93 रन से जीतकर ईरानी कप का खिताब अपने नाम किया, मगर यह झगड़ा चर्चा का केंद्र बन गया. सोशल मीडिया पर दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई झड़प के वीडियो वायरल हो गए हैं. यश ठाकुर की आक्रामकता और यश ढुल के शांत स्वभाव की टक्कर ने यह दिखा दिया कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, कभी-कभी अहं का मैदान भी बन जाता है.
अब सवाल यह है — जीत किसकी बड़ी थी? ट्रॉफी की या गुस्से पर काबू की?
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