
डिकॉक ने तोड़ी भारत की उम्मीद, सूर्या का फैसला पड़ा भारी, टीम इंडिया 51 रन से हारी
साउथ अफ्रीका ने 1-1 की बराबरी हासिल कर ली और जीत के सबसे बड़े नायक क्विंटन डिकॉक रहे
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरा टी20 मुकाबला मेजबान टीम के लिए उम्मीदों के विपरीत रहा. इस मैच में साउथ अफ्रीका ने 1-1 की बराबरी हासिल कर ली और जीत के सबसे बड़े नायक क्विंटन डिकॉक रहे . बाएं हाथ के इस विस्फोटक बल्लेबाज ने सिर्फ 46 गेंदों में 90 रन ठोककर भारतीय गेंदबाजी की लय बिगाड़ दी. डिकॉक ने अपनी पारी में 5 चौके और 7 छक्के लगाए और भारत को शुरुआती ओवरों से ही दबाव में डाल दिया. वह भले शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी ने मैच का परिणाम तय कर दिया.
सूर्या का टॉस निर्णय उलटा पड़ा
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, लेकिन शुरुआत से ही यह फैसला भारत के खिलाफ जाता दिखा. साउथ अफ्रीका ने पूरे 20 ओवर खेलते हुए 4 विकेट पर 213 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया. डिकॉक के अलावा कोई बल्लेबाज बहुत बड़ी पारी नहीं खेल सका, लेकिन हर खिलाड़ी ने तेजी से रन जोड़े. तीसरे विकेट के लिए डिकॉक और एडन मार्करम के बीच 83 रनों की साझेदारी ने भारत की रणनीति को पूरी तरह नाकाम कर दिया. भारतीय गेंदबाज विकेट तोड़ने का दबाव नहीं बना सके और डेथ ओवरों में काफी रन खर्च हुए.
भारतीय बल्लेबाजी फिर बिखरी, शुरुआत ने बिगाड़ा खेल
लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया शुरुआत में ही लड़खड़ा गई. शुभमन गिल बिना खाता खोले आउट हो गए और पहले ही ओवर में टीम का मनोबल गिर गया. अभिषेक शर्मा ने 17 रन जोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भी लंबी पारी नहीं खेल सके. कप्तान सूर्यकुमार यादव का खराब फॉर्म इस मैच में भी जारी रहा और वह मात्र 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. शुरुआत में तीन विकेट जल्दी गिरने के बाद भारत मैच में कभी वापसी नहीं कर सका. मिडिल ऑर्डर ने कुछ रन जरूर जोड़े, लेकिन लक्ष्य इतना बड़ा था कि नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से मैच हाथ से निकल गया.
51 रन से हार, कई सवाल छोड़ गया मैच
भारत पूरी पारी में 162 रन ही बना पाया और 51 रन से हार गया. बल्लेबाजी की विफलता के साथ-साथ गेंदबाजी में भी भारत का प्रदर्शन चिंता बढ़ाने वाला रहा. बड़े मंच पर बार-बार टॉप ऑर्डर का फेल होना टीम की मजबूती पर सवाल खड़ा कर रहा है. सूर्या के निर्णय, गिल का लगातार आउट होना और गेंदबाजों की लय में कमी ने यह मैच टीम इंडिया के लिए मुश्किल बना दिया. अब सीरीज निर्णायक मोड़ पर है और भारतीय टीम को वापसी करने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में मजबूती दिखानी होगी.



