
बिहार के लाल की हुंकार से बदला माहौल, USA के खिलाफ टीम इंडिया का बड़ा मिशन एक्टिव, अब आगे क्या ?
बिहार के युवा बल्लेबाज़ Vaibhav Suryavanshi की आक्रामक तैयारी से अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया का जोश चरम पर है। USA के खिलाफ पहला मैच मिशन मोड में खेला जाएगा, लक्ष्य छठी ट्रॉफी है।
अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया के कैंप में अलग ही जोश दिखाई दे रहा है। जिस उम्र में खिलाड़ी सपने देखना सीखते हैं, उसी उम्र में वैभव सूर्यवंशी उन सपनों को मैदान पर उतारने को तैयार हैं। बिहार के इस युवा बल्लेबाज़ ने अपने खेल से न सिर्फ टीम मैनेजमेंट बल्कि फैंस का भरोसा भी जीत लिया है। USA के खिलाफ पहला मुकाबला भले आसान माना जा रहा हो, लेकिन टीम इंडिया इसे हल्के में लेने के मूड में नहीं है। छठी बार चैंपियन बनने का सपना आंखों में लिए टीम पूरे फोकस के साथ उतरने वाली है। ड्रेसिंग रूम से लेकर सोशल मीडिया तक वैभव की चर्चा है और माना जा रहा है कि यही खिलाड़ी इस बार टीम की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।
वैभव सूर्यवंशी पर होंगी सबसे ज्यादा नजरें
पिछले दो सालों में वैभव सूर्यवंशी ने जिस तरह लगातार रन बनाए हैं, उसने विरोधी टीमों की चिंता बढ़ा दी है। बड़े मैचों में तेजी से खेल का रुख बदलने की उनकी काबिलियत उन्हें खास बनाती है। यही वजह है कि USA के खिलाफ मुकाबले में फैंस को चौके-छक्कों के तूफान की उम्मीद है। इतिहास गवाह है कि अंडर–19 वर्ल्ड कप ने कई बड़े सितारे दिए हैं और अब वैभव के पास भी अपने नाम को उसी सूची में दर्ज कराने का सुनहरा मौका है। टीम इंडिया चाहती है कि वैभव की आक्रामक शुरुआत से सामने वाली टीम शुरुआत में ही दबाव में आ जाए।
टीम इंडिया सिर्फ एक नाम पर निर्भर नहीं
हालांकि भारतीय टीम सिर्फ वैभव पर टिकी नहीं है। मिडिल ऑर्डर में अभिज्ञान कुंडू भरोसे की दीवार माने जा रहे हैं, जो दबाव में भी टिककर खेलने की क्षमता रखते हैं। कप्तान आयुष म्हात्रे को टीम का रणनीतिक खिलाड़ी कहा जा रहा है, जिन्हें पता है कब खेल को संभालना है और कब रफ्तार बढ़ानी है। वैभव और आयुष की जोड़ी से तेज शुरुआत की उम्मीद है। वहीं ऑलराउंड भूमिका में कनिष्क चौहान टीम को संतुलन देते नजर आते हैं, जो बल्ले और गेंद दोनों से उपयोगी साबित हो सकते हैं।
तेज गेंदबाजी और मजबूत शुरुआत पर फोकस
तेज गेंदबाजी में दीपेश देवेंद्रन टीम इंडिया के लिए एक्स फैक्टर माने जा रहे हैं। पावरप्ले में उनकी स्विंग और अलग अंदाज बल्लेबाजों को परेशान कर सकता है। पाकिस्तान के खिलाफ उनके पुराने प्रदर्शन को अब भी विरोधी नहीं भूले हैं। ग्रुप में न्यूजीलैंड और बांग्लादेश जैसी टीमें भी मौजूद हैं, लेकिन टीम इंडिया का पूरा ध्यान पहले मुकाबले पर है। अच्छी शुरुआत पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय कर सकती है। अगर वैभव सूर्यवंशी और उनकी टीम ने पहले ही मैच में दम दिखा दिया, तो छठी ट्रॉफी का रास्ता आसान होता नजर आ सकता है।
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