
पहले भी हुए मैच बॉयकॉट, मगर अब क्यों फंसा पाकिस्तान? भारत से मैच छोड़ने पर ICC क्या सच में देगा कड़ा झटका
भारत–पाकिस्तान मैच के बहिष्कार पर पाकिस्तान इस बार बुरी तरह फंसता दिख रहा है। पहले बॉयकॉट पर सजा नहीं मिली, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बिना ठोस वजह मैच छोड़ने से ICC कड़ा आर्थिक एक्शन ले सकता है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाला भारत–पाकिस्तान मुकाबला अब खतरे में दिख रहा है। पाकिस्तान सरकार ने साफ कर दिया है कि उसकी टीम टूर्नामेंट खेलेगी, लेकिन भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरेगी। इस ऐलान के बाद क्रिकेट जगत में हलचल तेज हो गई है। ICC ने पाकिस्तान से अपने फैसले पर दोबारा सोचने को कहा है, जबकि PCB पर कार्रवाई की अटकलें लगने लगी हैं। सवाल यही है कि क्या पाकिस्तान को सजा मिलेगी, या फिर यह मामला भी पुराने उदाहरणों की तरह यहीं खत्म हो जाएगा। इस फैसले का असर सिर्फ खेल पर नहीं, बल्कि करोड़ों की कमाई और दर्शकों की उम्मीदों पर भी पड़ सकता है।
पहले भी हुए बॉयकॉट, सजा नहीं मिली
आईसीसी टूर्नामेंट का इतिहास 50 साल से ज्यादा पुराना है और इससे पहले भी कुछ मैच बॉयकॉट की भेंट चढ़ चुके हैं। 1996 के वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने सुरक्षा कारणों से श्रीलंका में अपने मैच खेलने से इनकार किया था। तब हालात गंभीर थे, इसलिए आईसीसी ने दोनों टीमों की बात मानी। नतीजा यह हुआ कि दोनों टीमों ने अपने अंक छोड़े और श्रीलंका को पूरे 2 अंक मिले, लेकिन किसी तरह का जुर्माना या बैन नहीं लगा। इसी तरह 2003 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड ने केन्या में खेलने से मना किया था। तब भी सिर्फ अंक छोड़े गए, कोई बड़ी सजा नहीं दी गई।
अब पाकिस्तान का मामला अलग क्यों
पाकिस्तान के मामले को अलग इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि यहां सुरक्षा जैसी ठोस वजह सामने नहीं आई है। इससे पहले पाकिस्तान ने भारत में खेलने से इनकार किया था और उसके मुकाबले श्रीलंका में कराए गए थे। इसके लिए आईसीसी और BCCI के साथ एक समझौता हुआ था। अब उसी समझौते के तहत तय मैच से पीछे हटना कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने जैसा माना जा रहा है। सरकार के आदेश का हवाला जरूर दिया गया है, लेकिन कोई साफ वजह नहीं बताई गई। यही बात पाकिस्तान को मुश्किल में डाल सकती है और यही वजह है कि सजा की चर्चा तेज हो गई है।
पैसे का खेल और सबसे बड़ा नुकसान
भारत–पाकिस्तान मुकाबला आईसीसी आयोजनों में कमाई का सबसे बड़ा जरिया होता है। विज्ञापन और प्रसारण से सैकड़ों करोड़ रुपये दांव पर रहते हैं। अगर यह मैच रद्द होता है, तो ब्रॉडकास्टर और आईसीसी दोनों को भारी नुकसान होगा। माना जा रहा है कि इसी नुकसान की भरपाई के लिए आईसीसी पाकिस्तान पर जुर्माना लगा सकती है, ताकि भविष्य में कोई टीम बिना वजह मैच छोड़ने की हिम्मत न करे। यानी इस बार मामला सिर्फ अंक छोड़ने तक सीमित नहीं रह सकता। अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर अड़ा रहा, तो उसे खेल के साथ-साथ आर्थिक मोर्चे पर भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
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