क्रिकेट

भारतीय फुटबॉल को नई दिशा देने वाले कुशल दास का निधन, खेल जगत में शोक की लहर

भारतीय फुटबॉल प्रशासन के प्रमुख चेहरे रहे कुशल दास का 65 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। एआईएफएफ के पूर्व महासचिव के रूप में उन्होंने भारतीय फुटबॉल के विकास और 2017 फीफा अंडर-17 विश्व कप आयोजन में अहम भूमिका निभाई।

भारतीय फुटबॉल प्रशासन से जुड़ा एक बड़ा नाम अब इस दुनिया में नहीं रहा। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के पूर्व महासचिव कुशल दास का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 65 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई और कई खेल प्रशासकों तथा खिलाड़ियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

लंबे समय तक निभाई अहम जिम्मेदारी
कुशल दास ने भारतीय फुटबॉल प्रशासन में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह करीब 12 वर्षों तक अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के महासचिव रहे। इस दौरान उन्होंने कई बड़े टूर्नामेंटों के आयोजन और फुटबॉल ढांचे को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने वर्ष 2022 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके कार्यकाल को भारतीय फुटबॉल के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

2017 विश्व कप आयोजन में निभाई बड़ी भूमिका
कुशल दास का सबसे बड़ा योगदान वर्ष 2017 में भारत में आयोजित फीफा अंडर-17 विश्व कप को सफल बनाना माना जाता है। भारत ने पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी की थी और इसे काफी सराहना मिली थी। इस प्रतियोगिता में दर्शकों की बड़ी संख्या ने रिकॉर्ड बनाया था। दास ने उस समय इसे भारतीय फुटबॉल के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया था।

महिला और युवा फुटबॉल को भी बढ़ावा
उनके प्रयासों से भारत को कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी का मौका मिला। इनमें एएफसी महिला एशियाई कप और फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप जैसे बड़े आयोजन शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए नई योजनाओं की शुरुआत भी की। उनका मानना था कि अगर फुटबॉल को मजबूत बनाना है तो जमीनी स्तर से खिलाड़ियों को तैयार करना जरूरी है।

नई लीग और योजनाओं में रहा योगदान
कुशल दास ने भारतीय फुटबॉल के व्यावसायिक ढांचे को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड को महासंघ का विपणन भागीदार बनाया गया, जिसके बाद इंडियन सुपर लीग की शुरुआत हुई। इसके अलावा उन्होंने युवा खिलाड़ियों के लिए गोल्डन बेबी लीग और आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं की शुरुआत में भी सहयोग दिया।

शिक्षा और करियर का सफर
फुटबॉल प्रशासन से जुड़ने से पहले कुशल दास अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों में भी काम कर चुके थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और एक बड़े खेल प्रबंधन समूह में वित्तीय पदों पर जिम्मेदारी निभाई थी। दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से उन्होंने गणित में स्नातक की पढ़ाई की थी। खेल प्रशासन में उनका अनुभव और योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।

W88 Sports News