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क्रिकेट में तीन गेंदों पर तीन विकेट को क्यों कहते हैं हैट्रिक, 1858 की अनोखी कहानी से जुड़ा है नाम

क्रिकेट में लगातार तीन गेंदों पर तीन विकेट लेने को हैट्रिक कहा जाता है। इस शब्द की शुरुआत 1858 में इंग्लैंड में हुई, जब गेंदबाज हीथफील्ड स्टीफेंसन के सम्मान में दर्शकों ने उन्हें इनाम के रूप में टोपी भेंट की थी।

क्रिकेट में हैट्रिक लेना किसी भी गेंदबाज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इसका मतलब है लगातार तीन गेंदों पर तीन बल्लेबाजों को आउट करना। ऐसा करना आसान नहीं होता, क्योंकि इसके लिए गेंदबाज को कौशल के साथ-साथ दबाव में शांत रहना भी जरूरी होता है। इंटरनेशनल क्रिकेट में टेस्ट, एकदिवसीय और टी20 मुकाबलों में अब तक कई हैट्रिक दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन हर हैट्रिक अपने आप में खास होती है।

हैट्रिक शब्द को लेकर लोगों के मन में सवाल
क्रिकेट देखने वाले कई लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि आखिर तीन विकेट लेने को हैट्रिक क्यों कहा जाता है। आम तौर पर ‘हैट’ का मतलब टोपी होता है, ऐसे में इसका क्रिकेट से क्या संबंध है, यह जानना दिलचस्प है। दरअसल इस शब्द के पीछे एक पुरानी कहानी छिपी हुई है, जो करीब डेढ़ सौ साल पहले इंग्लैंड से शुरू हुई थी।

1858 की घटना से जुड़ी है शुरुआत
‘हैट्रिक’ शब्द की शुरुआत 19वीं सदी में इंग्लैंड में हुई थी। साल 1858 में एक मैच के दौरान गेंदबाज हीथफील्ड हारमन स्टीफेंसन ने लगातार तीन गेंदों पर तीन बल्लेबाजों को आउट कर दिया था। उस समय यह कारनामा बेहद खास माना गया, क्योंकि ऐसा बहुत कम देखने को मिलता था। उनके इस प्रदर्शन से फैंस और साथी खिलाड़ी काफी प्रभावित हुए थे।

गेंदबाज को इनाम में मिली थी टोपी
स्टीफेंसन के शानदार प्रदर्शन के बाद दर्शकों ने मैदान में पैसे इकट्ठा किए। उन पैसों से एक नई टोपी खरीदी गई और उसे सम्मान के रूप में स्टीफेंसन को भेंट किया गया। इसी घटना के बाद लगातार तीन विकेट लेने को ‘हैट’ और ‘ट्रिक’ के मेल से ‘हैट्रिक’ कहा जाने लगा। धीरे-धीरे यह शब्द क्रिकेट की दुनिया में लोकप्रिय हो गया और आज तक इस्तेमाल किया जा रहा है।

टेस्ट क्रिकेट में भी दर्ज हुई पहली हैट्रिक
बाद में साल 1878-79 में टेस्ट क्रिकेट में भी पहली हैट्रिक देखने को मिली। उस समय फ्रेड स्पॉफोर्थ ने यह कारनामा किया था। इसके बाद अखबारों में पहली बार ‘हैट्रिक’ शब्द का इस्तेमाल छपा और यह शब्द आधिकारिक तौर पर क्रिकेट की भाषा का हिस्सा बन गया। तब से लेकर आज तक क्रिकेट में यह शब्द लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है।

दूसरे खेलों में भी होने लगा इस्तेमाल
आज ‘हैट्रिक’ शब्द सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रह गया है। फुटबॉल, हॉकी और कई अन्य खेलों में भी अगर कोई खिलाड़ी लगातार तीन गोल करता है या तीन बड़ी सफलताएं हासिल करता है, तो उसे हैट्रिक कहा जाता है। हालांकि इस शब्द की शुरुआत क्रिकेट से ही हुई थी। इसलिए जब भी कोई गेंदबाज हैट्रिक लेता है, तो वह सिर्फ तीन विकेट नहीं बल्कि क्रिकेट इतिहास की एक पुरानी परंपरा को भी याद दिलाता है।

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