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टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद नई मांग, अगरकर ने बढ़ाया कार्यकाल तो क्या बदलेगा पूरा खेल

टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीत के बाद अजीत अगरकर ने अपना कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने की मांग की है। उनके फैसले पर बोर्ड की नजर है, जहां सीमित ओवर की सफलता और टेस्ट प्रदर्शन दोनों अहम भूमिका निभाएंगे।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद टीम इंडिया के चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। इस बार वजह उनका प्रदर्शन नहीं बल्कि उनकी नई मांग है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने अपना कार्यकाल 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने की अपील की है। इस मांग के सामने आने के बाद क्रिकेट जगत में हलचल तेज हो गई है।

पहले भी मिल चुका है एक्सटेंशन
यह पहली बार नहीं है जब अगरकर ने कार्यकाल बढ़ाने की उम्मीद जताई है। इससे पहले भी उनके अच्छे प्रदर्शन के बाद बोर्ड ने उन्हें एक साल का एक्सटेंशन दिया था। टीम इंडिया ने 2024 का टी20 वर्ल्ड कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी, जिसके बाद उन्हें इनाम के तौर पर यह मौका मिला था। अब उनका मौजूदा कार्यकाल जून 2026 तक है।

अब क्या होगा बोर्ड का फैसला
अगरकर की इस नई मांग पर अभी तक कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ नए नाम भी चीफ सिलेक्टर की दौड़ में नजर आ रहे हैं। ऐसे में बोर्ड के सामने चुनौती है कि वह अनुभव को तरजीह दे या नए विकल्पों को मौका दे। यही कारण है कि इस फैसले को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

सीमित ओवर में शानदार रहा प्रदर्शन
अगरकर के कार्यकाल में टीम इंडिया ने सीमित ओवर क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। टीम ने लगातार बड़े टूर्नामेंट जीते और अपनी ताकत साबित की। उनके चयन फैसलों ने कई बार टीम को मजबूती दी और नए खिलाड़ियों को मौका मिला। यही वजह है कि उनके समर्थन में भी मजबूत तर्क सामने आ रहे हैं।

टेस्ट क्रिकेट बना चिंता का कारण
जहां एक तरफ सीमित ओवर में सफलता मिली, वहीं टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टीम लगातार दो सीरीज हार गई और बड़े टूर्नामेंट में भी जगह नहीं बना पाई। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी निराशाजनक प्रदर्शन देखने को मिला। यह पहलू उनके कार्यकाल पर सवाल भी खड़े करता है।

आगे का रास्ता तय करेगा बड़ा फैसला
अब सबकी नजर इस बात पर है कि बोर्ड क्या फैसला लेता है। अगर उनका कार्यकाल बढ़ाया जाता है, तो यह टीम की मौजूदा रणनीति को जारी रखने का संकेत होगा। वहीं अगर बदलाव होता है, तो टीम में नई सोच देखने को मिल सकती है। आने वाले दिनों में यह फैसला भारतीय क्रिकेट की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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