
IPL में “अंडर-द-टेबल” का खेल? अश्विन ने CSK और ब्रेविस डील का खोला राज़
रविचंद्रन अश्विन ने दावा किया कि CSK ने डेवाल्ड ब्रेविस को 2.2 करोड़ में नहीं, बल्कि “अंडर-द-टेबल” ज्यादा रकम में साइन किया. इस खुलासे से IPL में पारदर्शिता और बीसीसीआई की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं.
टीम इंडिया के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में हो रहे कथित “अंडर-द-टेबल” सौदों पर बड़ा दावा किया है. अपने यूट्यूब चैनल पर उन्होंने कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस को रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर आधिकारिक 2.2 करोड़ रुपये में साइन किया, लेकिन असल रकम इससे कहीं ज्यादा दी गई.
ब्रेविस को लेकर मोलभाव की कहानी
अश्विन के मुताबिक, ब्रेविस को कई टीमें रिप्लेसमेंट के रूप में चाहती थीं, लेकिन खिलाड़ी और उसके एजेंट ने अधिक रकम की मांग रखी. कुछ टीमें पीछे हट गईं, लेकिन CSK ने अतिरिक्त पैसे देने के लिए हामी भर दी. उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे खिलाड़ी जानते हैं कि नीलामी में उन्हें बेस प्राइस से ज्यादा मिलेगा, इसलिए वे सौदेबाजी कर सकते हैं.
CSK की तत्काल जरूरत
IPL 2025 सीजन के बीच, 18 अप्रैल को CSK ने चोटिल गुरजपनीत सिंह की जगह ब्रेविस को जोड़ा. उस समय टीम की बल्लेबाजी कमजोर थी, जिसके चलते आयुष म्हात्रे और ब्रेविस को शामिल किया गया. इस कदम से चेन्नई को आखिरी मैचों में फायदा मिला. ब्रेविस ने 6 मैचों में 225 रन बनाए, जिसमें 2 अर्धशतक और 180 का स्ट्राइक रेट शामिल रहा.
नीलामी सिस्टम पर सवाल
IPL का नीलामी सिस्टम टीमों को 120 करोड़ रुपये के तय बजट में स्क्वॉड बनाने की अनुमति देता है, ताकि सभी फ्रेंचाइजी के बीच संतुलन बना रहे. लेकिन अश्विन का दावा है कि “अंडर-द-टेबल” डील्स इस संतुलन को बिगाड़ देती हैं. टीमें आधिकारिक रकम कम दिखाकर खिलाड़ियों को वास्तविक बाजार मूल्य से सस्ते में हासिल कर लेती हैं.
BCCI के लिए चेतावनी?
अगर अश्विन के आरोप सच हैं, तो यह IPL फ्रेंचाइजी मॉडल में गंभीर खामी को उजागर करता है. इससे पारदर्शिता पर सवाल उठेंगे और बाकी टीमों को अनुचित प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिल सकता है. अब देखना होगा कि BCCI इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है, क्योंकि यह मामला न सिर्फ खेल भावना बल्कि लीग की विश्वसनीयता से भी जुड़ा है.
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