
बॉल टेम्परिंग का काला इतिहास! 142 शतक वाले दिग्गज भी नहीं बचे, PSL से लेकर पुराने मामलों तक खुलासा
क्रिकेट में बॉल टेम्परिंग का विवाद फिर चर्चा में है, जिसमें PSL से लेकर पुराने मामलों तक कई दिग्गज शामिल रहे। 2018 का सैंडपेपर कांड सबसे बड़ा मामला रहा, जिसने खेल की छवि पर गहरा असर डाला।
क्रिकेट में बॉल टेम्परिंग का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में पाकिस्तान सुपर लीग 2026 में फखर जमां पर बॉल टेम्परिंग का आरोप लगा और उन पर 2 मैच का बैन भी लगा दिया गया। इस घटना ने पुराने विवादों को फिर से ताजा कर दिया है।
बॉल टेम्परिंग का पुराना इतिहास
बॉल टेम्परिंग क्रिकेट में कोई नई चीज नहीं है। इसका इतिहास काफी पुराना है और अब तक 16 से ज्यादा खिलाड़ी इससे जुड़े विवादों में आ चुके हैं। इस लिस्ट में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिन्होंने अपने करियर में शानदार प्रदर्शन किया लेकिन इस दाग से बच नहीं सके।
2018 में आया सबसे बड़ा भूचाल
सबसे बड़ा विवाद साल 2018 में सामने आया था, जब स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और बैनक्रॉफ्ट केपटाउन टेस्ट में फंस गए थे। इस घटना ने पूरी दुनिया में सनसनी मचा दी थी और क्रिकेट की छवि पर बड़ा असर पड़ा था।
कई खिलाड़ियों पर लगे आरोप
इस लिस्ट में फाफ डु प्लेसी, शाहिद अफरीदी, इंजमाम उल हक, शोएब अख्तर और वकार यूनुस जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। कुछ खिलाड़ियों पर तो एक से ज्यादा बार आरोप लगे, जिससे यह साफ हुआ कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है।
दिग्गज भारतीय भी नहीं बचे
हैरानी की बात यह है कि सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज भी इस विवाद से अछूते नहीं रहे। खासकर सचिन तेंदुलकर, जिनके नाम प्रोफेशनल क्रिकेट में 142 शतक दर्ज हैं, उनका नाम भी इस लिस्ट में शामिल होना लोगों को चौंकाता है।
पहली घटना से लेकर आज तक
बॉल टेम्परिंग का पहला मामला 1994 में इंग्लैंड के माइक अर्थटन से जुड़ा था। तब से लेकर अब तक कई बड़े खिलाड़ी इस विवाद में फंस चुके हैं। हालिया घटनाएं बताती हैं कि क्रिकेट में यह समस्या अभी भी खत्म नहीं हुई है और इसे रोकने के लिए सख्ती जरूरी है।
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