
टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद भड़के गौतम गंभीर, बोले सोशल मीडिया को नहीं देना जवाब, ट्रॉफी राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित
टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीत के बाद कोच गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह सिर्फ टीम ड्रेसिंग रूम के लोगों के प्रति जवाबदेह हैं। उन्होंने यह ट्रॉफी राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित की।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर का बयान काफी चर्चा में आ गया। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया। जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने साफ कहा कि उनकी जवाबदेही सोशल मीडिया पर मौजूद लोगों के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ उन करीब 30 लोगों के प्रति जवाबदेह हैं जो टीम के ड्रेसिंग रूम में मौजूद रहते हैं। उनके इस बयान ने क्रिकेट जगत में नई चर्चा छेड़ दी।
ट्रॉफी द्रविड़ और लक्ष्मण को समर्पित
गौतम गंभीर ने इस बड़ी जीत का श्रेय सिर्फ खुद को नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट के मजबूत सिस्टम की वजह से आई है। गंभीर ने खास तौर पर पूर्व कोच राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण का नाम लिया। उन्होंने कहा कि राहुल द्रविड़ ने भारतीय टीम को एक मजबूत दिशा दी और व्हाइट बॉल क्रिकेट की नींव मजबूत की। वहीं वीवीएस लक्ष्मण ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में युवा खिलाड़ियों की एक मजबूत पाइपलाइन तैयार की, जिसकी वजह से टीम को लगातार प्रतिभाशाली खिलाड़ी मिलते रहे।
अगरकर और जय शाह का भी किया जिक्र
गंभीर ने इस मौके पर मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर और आईसीसी अध्यक्ष जय शाह को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अगरकर ने चयन समिति के प्रमुख के रूप में कई बार आलोचना झेली, लेकिन उन्होंने ईमानदारी से अपना काम किया। गंभीर ने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल के मुश्किल दौर में जय शाह ने उन्हें फोन करके समर्थन दिया था। उनके मुताबिक टीम की सफलता में पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों की भी बड़ी भूमिका होती है।
कप्तान सूर्यकुमार यादव की जमकर तारीफ
गौतम गंभीर ने टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सूर्या ने कप्तान के तौर पर उनका काम काफी आसान कर दिया। गंभीर के मुताबिक टीम का असली लक्ष्य ट्रॉफी जीतना होता है, व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं। वहीं सूर्यकुमार यादव ने भी कहा कि वह पहले भी गंभीर के साथ खेल चुके हैं और दोनों के बीच हमेशा एक ही लक्ष्य रहा है, टीम को जीत दिलाना। कप्तान ने बताया कि उन्होंने खिलाड़ियों का चयन उम्मीद के आधार पर नहीं बल्कि भरोसे के आधार पर किया और यही भरोसा टीम की जीत की सबसे बड़ी ताकत बना।
W88 Sports News




