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हार्दिक को मिली छूट, स्टब्स पर सख्ती, आईपीएल में नियमों पर उठा बड़ा सवाल

आईपीएल 2026 में हार्दिक पंड्या को ग्लव्स बदलने की छूट और ट्रिस्टन स्टब्स पर सख्ती ने नया विवाद खड़ा कर दिया। अलग-अलग फैसलों पर फैंस सवाल उठा रहे हैं और अंपायरिंग की निष्पक्षता बहस का विषय बन गई है।

आईपीएल 2026 के रोमांच के बीच एक नया विवाद सामने आया है, जिसने अंपायरिंग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हार्दिक पंड्या को मैच के दौरान दो बार ग्लव्स बदलने की अनुमति मिल गई, जबकि नियमों के अनुसार यह हर बार संभव नहीं होता। खास बात यह रही कि मैदान पर मौजूद अंपायरों ने उन्हें रोकने की कोई कोशिश नहीं की, जिससे मामला तुरंत चर्चा में आ गया।

स्टब्स के साथ हुआ था उल्टा फैसला
इस विवाद ने इसलिए तूल पकड़ा क्योंकि ठीक एक दिन पहले ट्रिस्टन स्टब्स के मामले में अंपायरों ने बिल्कुल अलग रवैया अपनाया था। दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के मुकाबले में स्टब्स ने ग्लव्स बदलने की कोशिश की थी, लेकिन अंपायरों ने उन्हें साफ तौर पर मना कर दिया। इस फैसले ने पहले ही बहस छेड़ दी थी, लेकिन हार्दिक को मिली छूट ने इसे और बड़ा बना दिया।

नीतीश राणा को मिली सजा
स्टब्स के लिए ग्लव्स मैदान में भेजने की कोशिश कर रहे नीतीश राणा को भी अंपायरों ने बाउंड्री पर रोक दिया था। इस दौरान उनकी अंपायर से बहस हो गई, जिसके बाद बीसीसीआई ने उन पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया और एक डिमेरिट अंक भी दिया। इस सख्त कार्रवाई के बाद यह मामला पहले ही चर्चा में था।

हार्दिक के मामले में दिखी नरमी
इसके उलट मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मुकाबले में हार्दिक पंड्या ने दो बार ग्लव्स बदले और उन्हें किसी तरह की रोकटोक का सामना नहीं करना पड़ा। यही वजह है कि फैंस अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या एक ही लीग में अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए नियम बदल जाते हैं।

सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग लगातार यह पूछ रहे हैं कि 24 घंटे के भीतर एक जैसी स्थिति में दो अलग-अलग फैसले कैसे लिए जा सकते हैं। कई यूजर्स ने इसे पक्षपात बताया, जबकि कुछ ने अंपायरिंग के मानकों पर सवाल खड़े किए।

नियमों की पारदर्शिता पर सवाल
क्रिकेट में नियमों का एक जैसा लागू होना बेहद जरूरी माना जाता है। लेकिन इस तरह के विरोधाभासी फैसलों से खेल की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगते हैं। अब देखना होगा कि बीसीसीआई इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है और क्या भविष्य में ऐसे मामलों को लेकर कोई स्पष्ट गाइडलाइन जारी की जाती है।

लीग की साख पर असर
आईपीएल जैसी बड़ी लीग में ऐसे विवाद न सिर्फ मैच के माहौल को प्रभावित करते हैं बल्कि टूर्नामेंट की साख पर भी असर डालते हैं। फैंस अब उम्मीद कर रहे हैं कि आगे से नियमों का पालन एक समान तरीके से हो, ताकि खेल की विश्वसनीयता बनी रहे।

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