
जब क्रिकेट का मैदान बना आखिरी पड़ाव: दिल का दौरा बना इन खिलाड़ियों की जिंदगी की अंतिम गेंद
क्रिकेट को जज़्बे और जुनून का खेल कहा जाता है, लेकिन कई बार यही मैदान जिंदगी की आखिरी पारी भी साबित होता है. यहां पढ़िए उन जांबाज़ खिलाड़ियों की कहानी, जिनका दिल खेलते हुए अचानक साथ छोड़ गया और खेल की दुनिया गमगीन हो गई.
इयान फोली – चोट और हार्ट अटैक की दोहरी मार
इंग्लैंड के बाएं हाथ के स्पिनर और बल्लेबाज इयान फोली की जिंदगी का अंत बेहद दर्दनाक था. 30 अगस्त 1993 को एक घरेलू मैच के दौरान बल्लेबाजी करते वक्त गेंद उनकी आंख के नीचे आकर लगी. तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान अचानक दिल का दौरा पड़ा और महज 30 साल की उम्र में क्रिकेट ने एक होनहार खिलाड़ी को खो दिया.
वसीम राजा – मैदान पर गिर पड़ा पाकिस्तानी सितारा
पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर वसीम राजा मैदान के अंदर ही जिंदगी की आखिरी पारी खेल गए. इंग्लैंड के बकिंघमशायर में सरे ओवर 50s टीम के लिए खेलते समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा. वसीम ने पाकिस्तान के लिए 57 टेस्ट और 54 वनडे खेले थे और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 11 हजार से ज्यादा रन और 500 से ज्यादा विकेट झटके थे. 2006 में आई इस खबर ने क्रिकेट जगत को झकझोर दिया.
रिचर्ड ब्यूमोंट – जीत के जश्न में थमा दिल
इंग्लैंड के रिचर्ड ब्यूमोंट का मामला बेहद भावुक कर देने वाला है. साल 2012 में जब उन्होंने एक लोकल मैच में शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीम को जीत दिलाई, तो मैदान में ही उन्हें दिल का दौरा पड़ गया. अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई. वे मात्र 33 साल के थे. उनकी अंतिम पारी एक जीत थी, लेकिन अंत बहुत दुखद.
एंडी डुकाट – लॉर्ड्स में थमी सांसें
क्रिकेट और फुटबॉल दोनों में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व कर चुके एंडी डुकाट की मौत लॉर्ड्स के मैदान पर हुई. साल 1942 में, एक घरेलू मैच के दौरान बल्लेबाजी करते हुए उन्हें दिल का दौरा पड़ा. खेल के सबसे ऐतिहासिक मैदान पर इस तरह का अंत हर किसी को स्तब्ध कर गया.
सैयद फकीर अली – किरमानी के दामाद की दर्दनाक विदाई
भारतीय विकेटकीपर सैयद किरमानी के दामाद सैयद फकीर अली की मौत ने भारतीय क्रिकेट को झकझोर दिया था. 2008 में अमेरिका के नॉर्दन कैलिफोर्निया क्रिकेट लीग के एक मैच में बल्लेबाजी करते हुए उन्हें दिल का दौरा पड़ा. 34 साल के फकीर अली को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वह बच नहीं सके.
क्रिकेट का मैदान जहां रोमांच, जीत और जश्न की जगह मानी जाती है, वहीं इन घटनाओं ने साबित किया कि खेल जीवन का हिस्सा है, लेकिन जिंदगी की अनिश्चितता हर पल साथ चलती है. ये पांच खिलाड़ी भले ही हार्ट अटैक से चले गए, लेकिन उनके जज्बे और जुनून को दुनिया कभी नहीं भूलेगी.




