क्रिकेट

घटिया बल्लेबाजी से शर्मसार हुआ भारत, 27 रन पर 6 विकेट गंवाकर दक्षिण अफ्रीका को तोहफे में दी बढ़त

गुवाहाटी टेस्ट में भारत की बल्लेबाजी शर्मनाक रही। टीम ने 27 रन के भीतर 6 विकेट गंवाकर दक्षिण अफ्रीका को बढ़त थाली में परोस दी। गलत शॉट चयन, कमजोर तकनीक और गैरजिम्मेदार बल्लेबाजी पूरी पारी पर हावी रही।

गुवाहाटी टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन अत्यंत लचर और गैर जिम्मेदाराना रहा. एक ऐसी पिच पर जहाँ टिकने से रन बन सकते थे, भारत ने खुद ही एक भयानक पतन के लिए रास्ता बना दिया. बल्लेबाजों ने खराब शॉट चयन और कमजोर फैसले लिए. दक्षिण अफ्रीका को कोई जादुई गेंदबाजी करने की जरूरत नहीं पड़ी, उन्होंने सिर्फ साफ सुथरी गेंदबाजी की और बाकी काम भारत ने कर दिया. एक घंटे के छोटे अंतराल में 27 रन पर छह विकेट गिरना भारतीय पारी की पूरी कहानी बयाँ करता है.

खराब शॉट चयन से बिखर गई सलामी साझेदारी
दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 489 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों को थका दिया था, इसलिए सभी को उम्मीद थी कि भारत रनों से भरी एक मजबूत पारी खेलेगा. शुरुआत अच्छी हुई जब यशस्वी जायसवाल ने श्रृंखला का पहला भारतीय अर्धशतक बनाया. हालाँकि, इसके बाद जो कुछ हुआ, उसे दर्शक भूलना चाहेंगे. जायसवाल हार्मर के खिलाफ बेवजह बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए, जिससे पतन शुरू हो गया. राहुल भी अपनी शुरुआती परेशानियों से जूझने के बाद स्पिनर महाराज की गेंद पर स्लिप में कैच दे बैठे. साई सुदर्शन भी एक गलत पुल शॉट खेलकर मिड विकेट पर आउट हो गए.

पंत और जुरेल का गैरजिम्मेदाराना रवैया
ध्रुव जुरेल कुछ गेंदों तक टिके रहे, लेकिन वह भी बिना किसी दृढ़ संकल्प और फुटवर्क के मार्को जानसेन की छोटी गेंद पर आउट हुए. उनका गलत टाइमिंग वाला पुल शॉट पूरी तरह से अनावश्यक था और भारत 102 रन पर चार विकेट गंवाकर लड़खड़ा गया. लंच के बाद जो हुआ वह और भी बुरा था. ऋषभ पंत से पलटवार की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने पहली ही गेंद पर जानसेन की बैक ऑफ लेंथ गेंद पर आँख बंद करके बल्ला घुमाया और सात रन बनाकर आउट हो गए. यह एक लापरवाह शॉट था, जिसने ड्रेसिंग रूम का मनोबल पूरी तरह तोड़ दिया.

संघर्ष की कमी ने मैच दक्षिण अफ्रीका को सौंपा
इसके बाद नितीश रेड्डी भी जानसेन की शॉर्ट गेंद को रोकने की कोशिश में मार्करम को कैच दे बैठे. फिर एक ऐसा विकेट गिरा जिसने दिन का सार प्रस्तुत किया. रवींद्र जडेजा शॉर्ट गेंद से मुड़े, गेंद उनके कंधे से लगी, फिर बल्ले के ऊपरी हिस्से से और फिर गली में चली गई. जब तक कुछ समझ आता, भारत ने 27 रन पर छह विकेट गंवा दिए थे. कोई संघर्ष नहीं, कोई मजबूती नहीं, और मैच की स्थिति का कोई अंदाजा नहीं था. दक्षिण अफ्रीका को कुछ खास करने की जरूरत नहीं थी क्योंकि भारत ने उन्हें मैच आसानी से दे दिया था.

सुंदर और कुलदीप ने कुछ लाज बचाई
वॉशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव ने आठवें विकेट के लिए 72 रन जोड़कर थोड़ी लाज बचाई. इन दोनों की साझेदारी से टीम किसी तरह 201 रन के स्कोर तक पहुँचने में सफल रही.

W88 Sports News