
गुवाहाटी में ‘करो या मरो’, गंभीर की कोचिंग पर मंडराया संकट, टीम इंडिया आखिरी टेस्ट में इतिहास से टकराने को तैयार
साउथ अफ्रीका से पहला टेस्ट हारने के बाद गुवाहाटी में दूसरा मुकाबला भारत के लिए करो या मरो बन चुका है। हार की स्थिति में घरेलू क्लीन स्वीप के साथ गौतम गंभीर की कोचिंग पर संकट और गहरा सकता है।
भारत साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-1 से पीछे है. पहला टेस्ट कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला गया था, जहां टीम इंडिया 124 रनों का मामूली लक्ष्य भी हासिल नहीं कर सकी. चौथी पारी में भारतीय बल्लेबाज 93 रन पर ढेर हो गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक साइमन हार्मर की फिरकी ने भारतीय बल्लेबाजों को बुरी तरह परेशान किया और उन्होंने 8 विकेट लेकर मैच का पासा पलट दिया था.
गुवाहाटी टेस्ट बना ‘करो या मरो’ मुकाबला
अब 22 नवंबर से गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में होने वाला दूसरा और आखिरी टेस्ट टीम इंडिया के लिए बेहद अहम है. भारत के पास इस सीरीज को बचाने का बस एक ही रास्ता है. जीत. मैच ड्रॉ रहा तो सीरीज भारत गंवा देगा. जबकि हार मिली तो टीम इंडिया घरेलू मैदान पर तीसरी क्लीन स्वीप हार का सामना करेगी. इससे पहले साउथ अफ्रीका ने 2000 में भारत को 2-0 से हराया था और पिछले साल न्यूजीलैंड ने 3-0 से क्लीन स्वीप किया था.
53 साल बाद घर में सबसे बुरा दौर
कोलकाता टेस्ट की हार के साथ ही टीम इंडिया 53 साल बाद अपने घर में इतना कमजोर प्रदर्शन करती दिखी है. घरेलू सरजमीं पर भारत 6 में से 4 टेस्ट हारा है. ऐसा पिछली बार 1969 से 1972 के बीच ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के दौरे के समय हुआ था. अब वही इतिहास फिर टीम इंडिया के सामने खड़ा है.
गौतम गंभीर की कोचिंग पर उठे सवाल
टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद राहुल द्रविड़ की जगह आए गंभीर की कोचिंग में भारत ने अबतक 18 टेस्ट खेले हैं. जिसमें 7 जीते, 9 हारे और 2 ड्रॉ रहे. गंभीर के अंडर बांग्लादेश के खिलाफ भारत ने 2-0 से जीत जरूर दर्ज की, लेकिन इसके बाद स्थिति बिगड़ गई. न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से हराया. ऑस्ट्रेलिया ने गंभीर की कोचिंग में 3-1 से सीरीज जीती. इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया 2-2 से सीरीज बचा सकी. वेस्टइंडीज के खिलाफ 2-0 की जीत के बाद उम्मीदें बढ़ीं, लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ शुरुआती टेस्ट ने फिर संकट खड़ा कर दिया है.
गंभीर के सामने सबसे बड़ी परीक्षा
गुवाहाटी टेस्ट गंभीर के लिए अग्निपरीक्षा है. अगर टीम इंडिया यहां भी हारी, तो ये न सिर्फ घरेलू क्लीन स्वीप होगा बल्कि गंभीर की कोचिंग पर भी बड़ा सवाल बन जाएगा. अब देखना होगा कि भारतीय टीम दबाव को झेलते हुए सीरीज बराबर कर पाती है या नहीं.
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