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पावरप्ले का खेल बदला, IPL 2026 में नई आक्रामक क्रांति, मुंबई इंडियंस पिछड़ी

आईपीएल 2026 में पावरप्ले बल्लेबाजी ने खेल बदल दिया है। टीमें शुरुआती छह ओवरों में मैच तय कर रही हैं, जबकि मुंबई इंडियंस पुराने अंदाज में पिछड़ती दिख रही है। नई आक्रामक रणनीति और युवा बल्लेबाजों ने लीग का चेहरा बदल दिया।

आईपीएल 2026 का सीजन इस बात का साफ संकेत दे रहा है कि टी20 क्रिकेट अब पूरी तरह बदल चुका है। सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स के मुकाबले में हैदराबाद ने पावरप्ले में 105 रन ठोककर नई परिभाषा लिख दी, जबकि पंजाब ने 93 रन बनाकर दिखा दिया कि अब शुरुआती ओवर ही मैच का रुख तय कर रहे हैं।

रिकॉर्ड रनरेट ने बदली सोच
इस सीजन में पहली बार पावरप्ले का औसत रनरेट 10 के पार पहुंच चुका है और फिलहाल यह 10.47 है। पिछले साल के 9.59 की तुलना में यह बड़ा उछाल है। यह सिर्फ आंकड़ा नहीं बल्कि रणनीति का बदलाव है, जहां टीमें शुरुआत में ही विरोधी को बैकफुट पर धकेलना चाहती हैं।

वानखेड़े में दिखा नया ट्रेंड
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के मुकाबले में भी यही ट्रेंड दिखा। बेंगलुरु ने 240 रन बनाकर साबित कर दिया कि अब 200 का स्कोर भी सुरक्षित नहीं है। फिल सॉल्ट, रजत पाटीदार और टिम डेविड ने 200+ स्ट्राइक रेट से रन बनाकर नई बल्लेबाजी शैली को मजबूती दी।

मुंबई इंडियंस की सबसे बड़ी कमजोरी
मुंबई इंडियंस इस नए ट्रेंड में पिछड़ती नजर आ रही है। टीम ने पावरप्ले में सिर्फ 62 रन बनाए, जो मौजूदा मानकों के हिसाब से कम साबित हुआ। आंकड़े बताते हैं कि 70+ रन वाले पावरप्ले 37 बार हो चुके हैं, लेकिन मुंबई यह कारनामा सिर्फ दो बार कर पाई है।

पुरानी रणनीति बन रही बोझ
2020 की चैंपियन मुंबई इंडियंस अब भी अपने पुराने फॉर्मूले पर खेलती दिख रही है। रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी खिलाड़ी होने के बावजूद टीम नई आक्रामक सोच को पूरी तरह नहीं अपना पा रही है।

रिटेंशन का असर और नए सितारे
मेगा ऑक्शन में पुराने खिलाड़ियों को बनाए रखने का फैसला अब भारी पड़ता दिख रहा है। ईशान किशन और टिम डेविड जैसे खिलाड़ी अब दूसरी टीमों के लिए मैच विनर बन रहे हैं। वहीं वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा और प्रियांश आर्य जैसे युवा बल्लेबाज 190+ स्ट्राइक रेट से खेलकर नया दबदबा बना रहे हैं।

गेंदबाजी भी चिंता का कारण
मुंबई की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। जसप्रीत बुमराह जैसे स्टार गेंदबाज भी इस सीजन में अब तक विकेट नहीं ले पाए हैं। लगातार 200+ स्कोर के दौर में गेंदबाजों पर दबाव बढ़ गया है और टीम संतुलन खोती दिख रही है।

बदलाव नहीं किया तो मुश्किल बढ़ेगी
प्वाइंट्स टेबल में नीचे खिसकती मुंबई इंडियंस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वह इस नए टी20 युग के साथ खुद को ढाल पाएगी। क्योंकि अब आईपीएल सिर्फ अनुभव का खेल नहीं, बल्कि तेज शुरुआत, आक्रामकता और लगातार दबाव बनाने का खेल बन चुका है।

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