
गीता का एक मंत्र और टूटा हुआ करियर, ईशान किशन की वापसी की अनसुनी कहानी, पढ़िए
ईशान किशन ने भगवद्गीता से मिली प्रेरणा और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर दो साल बाद टीम इंडिया में दमदार वापसी की। SMAT में झारखंड को चैंपियन बनाकर उन्होंने आलोचकों को जवाब दिया और टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में जगह पाई।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए जैसे ही टीम इंडिया का ऐलान हुआ वैसे ही ईशान किशन का नाम सुनते ही क्रिकेट जगत में हलचल मच गई। यह सिर्फ एक चयन नहीं था बल्कि उस खिलाड़ी की वापसी थी जिसे कुछ वक्त पहले खत्म माना जा रहा था। लेकिन इस वापसी की कहानी मैदान से नहीं बल्कि भगवद्गीता से शुरू होती है। जब आलोचनाएं बढ़ीं और करियर पर सवाल उठे तब ईशान की मां ने उन्हें मन शांत रखने के लिए गीता पढ़ने की सलाह दी। ईशान ने इसे सिर्फ धार्मिक किताब नहीं बल्कि जीवन का रास्ता बना लिया। वह अपनी किट बैग में छोटी गीता रखने लगे और मुश्किल वक्त में उसे पढ़ते रहे। यहीं से ईशान की सोच और जिंदगी दोनों बदलने लगी।
दो साल का सन्नाटा और अंदर की लड़ाई
पिछले दो साल ईशान किशन के लिए बेहद कठिन रहे। टेस्ट टीम से ड्रॉप हुए फिर वनडे और टी20 टीम से भी बाहर कर दिए गए। नेशनल कॉन्ट्रैक्ट छिन गया और अनुशासन को लेकर सवाल उठे। जिस बिहारी बाबू को कभी भविष्य का सितारा कहा जाता था उसे दूध से मक्खी की तरह अलग कर दिया गया। लोग मानने लगे कि टीम इंडिया अब उसके बिना आगे बढ़ चुकी है। लेकिन ईशान ने न बहस की और न सफाई दी। गीता के संदेशों की तरह उन्होंने कर्म पर भरोसा रखा। वह शांति से मेहनत करते रहे और हर दिन खुद को बेहतर बनाने में जुटे रहे।
घरेलू क्रिकेट बना कर्मभूमि
ईशान ने घरेलू क्रिकेट को सजा नहीं बल्कि कर्मभूमि समझा। लगातार मेहनत का नतीजा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में दिखा। दस मैचों में 517 रन बनाए और कप्तान के तौर पर झारखंड को पहली बार खिताब दिलाया। यह प्रदर्शन सिर्फ आंकड़ों का नहीं बल्कि मानसिक बदलाव का सबूत था। जो बल्लेबाज पहले जल्दबाजी में खेलता था अब मैदान पर शांत और जिम्मेदार दिखने लगा। सेलेक्टर्स को साफ संदेश मिल गया कि यह वही पुराना ईशान नहीं है। यह ईशान किशन 2.0 है जो खुद को पूरी तरह बदल चुका है।
परिवार की आस्था और इनाम की घड़ी
ईशान के चयन से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। मां भावुक हैं और दादी डॉक्टर सावित्री शर्मा ने उनके बचपन के किस्से साझा किए। पढ़ाई से ज्यादा क्रिकेट में डूबा रहने वाला नटखट बच्चा आज टीम इंडिया की जर्सी में लौट आया है। दादी का भरोसा और मां की आस्था आखिरकार रंग लाई। अब सोशल मीडिया पर ईशान के जश्न के वीडियो वायरल हैं और पूरा देश इस वापसी को सलाम कर रहा है। गीता के कर्म योग की तरह ईशान ने बिना फल की चिंता किए मेहनत की और आज उसका फल पूरी दुनिया देख रही है। यही वजह है कि अब यह कहना गलत नहीं होगा कि यह सिर्फ वापसी नहीं बल्कि गीता से जन्मी एक नई शुरुआत है।
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