क्रिकेट

पहली बार फाइनल में उतरी जम्मू-कश्मीर का दमदार हमला, 584 रन ठोककर कर्नाटक पर दबाव, प्रसिद्ध कृष्णा ने झटके 5 विकेट

रणजी ट्रॉफी फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने 584 रन बनाकर कर्नाटक पर दबाव बनाया। शुभम पुंडीर के शतक और कई अर्धशतकों से टीम मजबूत स्थिति में पहुंची। प्रसिद्ध कृष्णा ने 5 विकेट लेकर कर्नाटक को वापसी की उम्मीद दी।

पहली बार रणजी ट्रॉफी का फाइनल खेल रही जम्मू-कश्मीर टीम ने शानदार बल्लेबाजी से सबको चौंका दिया। हुबली में खेले जा रहे मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने 584 रन का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। शुरुआत से ही बल्लेबाजों ने कर्नाटक के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और लंबी साझेदारियां कीं।

शुभम पुंडीर का यादगार शतक
जम्मू-कश्मीर की पारी की नींव शुभम पुंडीर के शतक ने रखी। उन्होंने धैर्य और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए 121 रन बनाए। उनके बाद कप्तान पारस डोगरा ने 70 रन की अहम पारी खेली। टीम के कई बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी संभाली और रन गति को बनाए रखा।

अर्धशतकों की झड़ी
साहिल लोटरा ने 72 रन बनाकर टीम को और मजबूत किया। कन्हैया वाधवन ने 70 और अब्दुल समद ने 61 रन जोड़े। इन पारियों की बदौलत जम्मू-कश्मीर ने 500 से ऊपर का स्कोर आसानी से पार कर लिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम 600 रन का आंकड़ा भी छू लेगी।

प्रसिद्ध कृष्णा की वापसी
तीसरे दिन कर्नाटक को सफलता दिलाने का काम अनुभवी तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने किया। उन्होंने लंबा स्पैल डालते हुए 34 ओवर से ज्यादा गेंदबाजी की और 98 रन देकर 5 विकेट हासिल किए। यह उनके फर्स्ट क्लास करियर का चौथा मौका था जब उन्होंने एक पारी में पांच विकेट लिए।

आखिरी झटके और पारी का अंत
जम्मू-कश्मीर की पारी 573 रन के बाद थोड़ी लड़खड़ाई। विजयकुमार वैशाक ने साहिल लोटरा को आउट किया और जल्द ही पूरी टीम 584 रन पर सिमट गई। हालांकि तब तक टीम ने मजबूत बढ़त बना ली थी और कर्नाटक पर बड़ा दबाव डाल दिया था।

अब कर्नाटक की बारी
584 रन का लक्ष्य सामने होने से कर्नाटक के बल्लेबाजों के सामने बड़ी चुनौती है। फाइनल का यह मुकाबला अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। देखना होगा कि कर्नाटक इस बड़े स्कोर का जवाब कैसे देता है और क्या जम्मू-कश्मीर अपनी पहली रणजी ट्रॉफी जीतने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ पाएगी।

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