
आखिर कोहली-गंभीर के बीच चल क्या रहा है? बढ़ता टकराव इंडियन क्रिकेट को किस ओर ले जा रहा है, पढ़िए इस रिपोर्ट में
गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच बढ़ता तनाव अब ड्रेसिंग रूम तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया विवाद, चयन को लेकर मतभेद और भविष्य की रणनीति पर टकराव ने भारतीय क्रिकेट के माहौल को अस्थिर कर दिया है, जिससे टीम पर दबाव बढ़ रहा है।
विराट कोहली और हेड कोच गौतम गंभीर के बीच तनाव कोई नई कहानी नहीं है. आईपीएल में हुई उनके बीच की पुरानी भिड़ंत, गंभीर के टीवी पर दिए तीखे बयान, और दोनों के बीच चली आ रही अनबन सोशल मीडिया पर हमेशा सुर्खियां बटोरती रही है. लेकिन इस बार मामला सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है. हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि गंभीर को ऑनलाइन एक बड़ा वर्ग आक्रामक और व्यक्तिगत तरीके से निशाना बना रहा है. इस हद तक कि BCCI भी अब इस ट्रोलिंग को लेकर चिंतित है. बोर्ड नहीं चाहता कि टीम के मौजूदा कोच को लेकर इस तरह का माहौल बने.
ड्रेसिंग रूम में बढ़ती दूरी
सोशल मीडिया विवाद के बीच असली चिंता ड्रेसिंग रूम से आती खबरें हैं. रिपोर्टों के अनुसार, गंभीर, विराट कोहली और रोहित शर्मा के रिश्ते ODI टीम में बेहद ठंडे पड़ चुके हैं. कहा जा रहा है कि यह तनाव टेस्ट क्रिकेट से दोनों दिग्गजों के अचानक संन्यास लेने के बाद और बढ़ गया. हाल के मैचों में गंभीर और कोहली की बातचीत बेहद कम देखी गई, जिसने यह संकेत दिया कि अंदरूनी माहौल उतना सहज नहीं है जितना बाहर दिखता है. हालांकि गंभीर सार्वजनिक तौर पर हमेशा कोहली-रोहित का सम्मान करते दिखाई दिए, लेकिन मैदान के पीछे की खामोशी और दूरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
खिलाड़ियों की फॉर्म ने बढ़ाई उलझन
मामले को और पेचीदा बना रहा है कोहली और रोहित का बेहतरीन फॉर्म. दोनों हाल के ODI मैचों में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि 2027 वर्ल्ड कप तक उनका खेलना पूरी तरह संभव है. ऐसे में मैनेजमेंट की अलग सोच और टीम के सीनियर खिलाड़ियों का अपना विज़न आपस में टकराने लगा है. गंभीर चाहे टीम का भविष्य युवाओं के साथ देखना चाहते हों, लेकिन कोहली–रोहित की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उन्हें हटाना या नजरअंदाज करना लगभग असंभव है. यही असमंजस टीम के माहौल को और जटिल बना रहा है.
सबसे बड़ा नुकसान किसका?
इस पूरे विवाद में एक बात साफ है अगर यह तनाव बढ़ता रहा तो इसका सबसे बड़ा नुकसान भारतीय क्रिकेट का होगा. लगातार बन रही नकारात्मक कहानी, सोशल मीडिया का दबाव, और ड्रेसिंग रूम में संभावित मतभेद टीम की तैयारियों पर सीधा असर डाल सकते हैं. अब सबसे जरूरी है कि गंभीर और भारतीय क्रिकेट के वरिष्ठ खिलाड़ी मिलकर इस कहानी को विराम दें, वरना यह फालतू का विवाद टीम के भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है. भारत के लिए यह समय एकजुट होने का है, न कि आपसी तनाव को बढ़ाने का.
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