
न्यू चंडीगढ़ में खेले गए दूसरे टी20 में टीम इंडिया का प्रदर्शन ऐसा रहा जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. अपने ही घर में भारतीय बल्लेबाजी शुरुआत से लड़खड़ाती दिखी. अभिषेक शर्मा 17 पर आउट, शुभमन गिल पहली ही गेंद पर जीरो, सूर्या भाऊ सिर्फ 5 रन और हार्दिक पांड्या ने महज 20 रनों के बाद विकेट गंवा दिया. फैंस को सबसे बड़ा झटका लगा गिल के प्रदर्शन से, जिन्हें बार-बार चांस देने पर सवाल उठने लगे हैं. संजू सैमसन जैसे इन-फॉर्म बल्लेबाज बाहर बैठे हैं और गिल लगातार फेल होने के बावजूद प्लेइंग 11 में हैं. वहीं अकेले तिलक वर्मा ने अर्धशतक लगाकर टीम की इज्जत बचाने की कोशिश की, लेकिन बाकी बल्लेबाजी इतनी कमजोर रही कि भारत शुरुआत से पीछे हो गया.
गंभीर की रणनीति पर उठे सवाल
टीम इंडिया की प्लेइंग 11 को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. फैंस और एक्सपर्ट्स दोनों सवाल कर रहे हैं कि आखिर संजू सैमसन जैसे भरोसेमंद खिलाड़ी को क्यों बाहर रखा जा रहा है जबकि गिल लगातार निराश कर रहे हैं. युवराज सिंह भी गिल के आउट होने के बाद कैमरे में निराश दिखे. सोशल मीडिया पर गंभीर की रणनीति को लेकर नाराजगी है. कई पूर्व खिलाड़ियों ने कहा कि वर्ल्ड कप से पहले ऐसे एक्सपेरिमेंट टीम के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं. लगातार गलत जगह पर गलत खिलाड़ी उतारने का असर टीम के बैलेंस और आत्मविश्वास दोनों पर पड़ रहा है.
बुमराह-अर्शदीप ने लुटाए 99 रन
इस मैच की सबसे कमजोर कड़ी गेंदबाजी रही. वर्ल्ड कप में चमके बुमराह और अर्शदीप इस मैच में इतने महंगे साबित हुए कि अफ्रीका ने रन बरसाने शुरू कर दिए. दोनों ने मिलकर 8 ओवर में 99 रन दे दिए. बुमराह को एक ओवर में दो छक्के लगे ये उनके टी20 करियर में पहली बार हुआ. अर्शदीप ने तो नया अनचाहा रिकॉर्ड बना दिया 13 गेंद का ओवर, जिसमें 7 वाइड और 18 रन. गंभीर का गुस्सा ड्रेसिंग रूम में साफ नजर आया. आखिरी 10 ओवर में भारत ने 123 रन लुटाए और मुकाबला वहीं से हाथ से निकल गया.
डिकॉक का तूफान और भारत की 5 बड़ी गलतियां
दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डिकॉक ने भारतीय गेंदबाजों पर ऐसा तूफान लाया कि भारत का पूरा प्लान बिखर गया. 46 गेंदों में 90 रन और 7 छक्के मारकर उन्होंने भारत को बैकफुट पर धकेल दिया. अफ्रीका ने 213 रन बनाए और भारत मुकाबले में कभी लौट ही नहीं पाया. मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा टीम इंडिया की 5 गलतियों की हुई टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना, गेंदबाजों की कुटाई, पांड्या का मौका न भुना पाना, गलत प्लेइंग 11 चुनना और गंभीर की रणनीति का फ्लॉप होना. अकेले तिलक वर्मा और जीतेश ने मेहनत दिखाई, लेकिन इतना बड़ा लक्ष्य पार करना मुश्किल था. अब सवाल यही है कि क्या गिल को लगातार मौके मिलते रहेंगे और संजू सैमसन यूं ही बाहर बैठते रहेंगे.




