
राजकोट में बड़ा फैसला, बदोनी को इंतजार, रेड्डी को मौका, जीत के पीछे छुपी है ये खास रणनीति
Shubman Gill की कप्तानी में राजकोट वनडे में टीम इंडिया ने संतुलन को प्राथमिकता दी। आयुष बदोनी को इंतजार करना पड़ा, जबकि ऑलराउंड विकल्प के तौर पर Nitish Kumar Reddy को मौका मिला।
राजकोट में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे दूसरे वनडे मुकाबले में टॉस के साथ ही चर्चा तेज हो गई। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, वहीं भारतीय टीम ने अपनी अंतिम ग्यारह में एक अहम बदलाव किया। चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की जगह नीतीश कुमार रेड्डी को मौका दिया गया। इससे पहले पहले मैच में सुंदर के बाहर होने पर आयुष बदोनी को टीम में शामिल किया गया था, लेकिन राजकोट में उन्हें अंतिम ग्यारह में जगह नहीं मिल सकी। इस फैसले ने फैंस के बीच सवाल खड़े कर दिए कि आखिर बदोनी का डेब्यू क्यों टल गया।
बदोनी नहीं रेड्डी क्यों बने पसंद
दूसरे वनडे से पहले सबसे ज्यादा चर्चा आयुष बदोनी को लेकर थी। माना जा रहा था कि उन्हें पहली बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर मौका मिल सकता है। लेकिन टीम प्रबंधन ने अनुभव और संतुलन को प्राथमिकता दी। बदोनी जहां बल्लेबाजी के साथ ऑफ स्पिन का विकल्प देते हैं, वहीं नीतीश कुमार रेड्डी तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हैं। राजकोट की पिच और मैच की जरूरतों को देखते हुए टीम को एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो बल्लेबाजी के साथ गेंद से भी प्रभाव डाल सके। इसी वजह से रेड्डी को तरजीह दी गई और बदोनी को अभी इंतजार करना होगा।
रेड्डी का अनुभव बना मजबूत आधार
नीतीश कुमार रेड्डी पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। वह अब तक 2 वनडे मुकाबले खेल चुके हैं और सीमित मौके मिलने के बावजूद उपयोगी योगदान दे चुके हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 19 रन रहा है। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे। टीम प्रबंधन का मानना है कि बड़े मुकाबलों में अनुभव अहम भूमिका निभाता है और रेड्डी इस कसौटी पर बदोनी से थोड़ा आगे हैं। यही वजह रही कि कप्तान शुभमन गिल और टीम प्रबंधन ने उन पर भरोसा जताया।
सीरीज जीत पर नजर, इंदौर से पहले दबाव
भारत ने वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में 4 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बना ली थी। अब राजकोट में जीत हासिल करते ही भारत सीरीज अपने नाम कर सकता है। ऐसे में टीम प्रबंधन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। संतुलित टीम संयोजन के साथ मैदान पर उतरना ही प्राथमिकता रही। बदोनी का इंतजार जरूर बढ़ा है, लेकिन उनके मौके भी दूर नहीं हैं। सीरीज का आखिरी मुकाबला 18 जनवरी को इंदौर में खेला जाएगा, जहां टीम प्रबंधन फिर नए विकल्पों पर विचार कर सकता है। फिलहाल राजकोट में निगाहें रेड्डी के प्रदर्शन पर टिकी हैं।
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