
ओवल टेस्ट की ‘पिच पॉलिटिक्स’: गंभीर-गिल vs क्यूरेटर, इंग्लैंड पर दोहरा मापदंड का आरोप
ओवल टेस्ट से पहले पिच को लेकर गंभीर और क्यूरेटर में विवाद हो गया। गिल ने इंग्लैंड पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। ग्रीन पिच और इंग्लिश पेस अटैक के बीच भारत को मानसिक और तकनीकी चुनौती का सामना करना होगा।
भारत और इंग्लैंड के बीच ओवल में होने वाले निर्णायक टेस्ट मैच से पहले पिच को लेकर विवाद गहरा गया है. 29 जुलाई को भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और ओवल के हेड क्यूरेटर ली फोर्टिस के बीच तीखी बहस हो गई. विवाद की जड़ यह रही कि फोर्टिस ने भारतीय सपोर्ट स्टाफ को पिच से 2.5 मीटर दूर रहने का आदेश दिया, जिस पर गंभीर ने सख्त ऐतराज जताया.
शुभमन गिल ने साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बल्लेबाज शुभमन गिल ने इस विवाद पर करारा जवाब दिया. गिल ने कहा, “हम इतने सालों से क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन पहली बार किसी ने कहा कि पिच से दूरी बनाओ.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय खिलाड़ी नंगे पांव या रबर स्पाइक्स में पिच को देखने के अभ्यस्त हैं. गिल के इस बयान ने क्यूरेटर के रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सोशल मीडिया से उड़ी पोल
इस विवाद को और हवा तब मिली जब सोशल मीडिया पर इंग्लैंड के खिलाड़ियों की तस्वीरें वायरल हो गईं, जिसमें वे पिच पर शैडो प्रैक्टिस करते नजर आए. वहीं, इंग्लैंड के हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम भी पिच के काफी करीब खड़े दिखे. इससे भारतीय फैंस और विशेषज्ञों ने दोहरे मापदंडों की आलोचना शुरू कर दी.
पिच रिपोर्ट और इंग्लैंड की रणनीति
ओवल की पिच आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है और इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल सकता है. इंग्लैंड ने ग्रीन पिच तैयार की है और अपनी प्लेइंग 11 में एक भी स्पिनर शामिल नहीं किया. क्रिस वोक्स, गस एटकिंसन, जेमी ओवरटन और जोश टंग जैसे पेसर टीम में हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि इंग्लैंड ने भारतीय बल्लेबाजों को स्विंग और बाउंस से जकड़ने की योजना बना ली है.
भारत के लिए कठिन चुनौती
ऐसे में भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला आसान नहीं रहने वाला. पिच विवाद से मानसिक दबाव पहले ही बन गया है और अब ग्रीन ट्रैक पर इंग्लिश पेस अटैक से जूझना असली चुनौती होगी. हालांकि, टीम इंडिया इस सीरीज को बराबरी पर खत्म करने के इरादे से उतरेगी.




