क्रिकेट

पडिक्कल का तूफानी शतक, कर्नाटक ने रचा इतिहास, 413 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य चेज

देवदत्त पडिक्कल के 147 रन के तूफानी शतक से कर्नाटक ने विजय हजारे ट्रॉफी में 413 रन का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल किया। यह टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा सफल चेज और लिस्ट-ए क्रिकेट का दूसरा सबसे बड़ा रन चेज बना।

विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में कर्नाटक के स्टार बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने झारखंड के खिलाफ ऐतिहासिक पारी खेली। 413 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए पडिक्कल ने 118 गेंदों में 147 रन बनाए। उनकी इस पारी में 10 चौके और 7 लंबे छक्के शामिल रहे। यह पडिक्कल के लिस्ट ए करियर का 10वां शतक था। उनकी शानदार बल्लेबाजी ने कर्नाटक की उम्मीदों को जिंदा रखा और बड़े लक्ष्य को भी आसान बना दिया।

साझेदारियों ने दिलाई जीत
पडिक्कल की पारी सिर्फ व्यक्तिगत प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने अहम साझेदारियां भी निभाईं। कप्तान मयंक अग्रवाल के साथ पहले विकेट के लिए 114 रन की साझेदारी हुई, जिसने मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके बाद करुण नायर के साथ दूसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े। पडिक्कल 325 रन के कुल स्कोर पर पांचवें विकेट के रूप में आउट हुए, लेकिन तब तक वह मैच कर्नाटक की पकड़ में ला चुके थे।

रिकॉर्ड लक्ष्य हुआ हासिल
कर्नाटक ने इस मैच में विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास का सबसे बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया। 413 रन का यह लक्ष्य लिस्ट ए क्रिकेट में सफलतापूर्वक चेज किया गया दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी बन गया। लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे बड़े सफल लक्ष्य का रिकॉर्ड अब भी दक्षिण अफ्रीका के नाम है, जिसने 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 435 रन का पीछा किया था। कर्नाटक की यह जीत घरेलू क्रिकेट के इतिहास में लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

पडिक्कल के शानदार आंकड़े
देवदत्त पडिक्कल का लिस्ट ए करियर बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 34 मैचों की 33 पारियों में 82 से ज्यादा की औसत से 2,218 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके नाम 10 शतक और 12 अर्धशतक दर्ज हैं। इस फॉर्मेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 152 रन रहा है। लगातार शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें अब तक भारतीय वनडे टीम में मौका नहीं मिला है। इस पारी के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि क्या पडिक्कल को टीम इंडिया में एंट्री मिलनी चाहिए।

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