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लाहौर की हार से बौखलाए शाहीन, मैदान पर टूटा बल्ला और टूटता दिखा भरोसा

पीएसएल 2026 में क्वेटा से हार के बाद शाहीन अफरीदी का गुस्सा मैदान पर फूट पड़ा। फ्लॉप प्रदर्शन के बाद उन्होंने बल्ला तोड़ दिया। लगातार हार से लाहौर की टीम अंकतालिका में पिछड़ गई है।

पाकिस्तान सुपर लीग 2026 में लाहौर की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है और इसका असर अब कप्तान शाहीन अफरीदी के व्यवहार में भी साफ दिखने लगा है। क्वेटा के खिलाफ करारी हार के बाद शाहीन का गुस्सा मैदान पर फूट पड़ा। बल्लेबाजी में फ्लॉप होने के बाद जब वह पवेलियन लौटे तो खुद पर काबू नहीं रख सके। बाउंड्री पार करते ही उन्होंने बल्ला उठाकर साइड स्क्रीन के टायर पर दे मारा। इसके बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ और ड्रेसिंग रूम की सीढ़ियों पर चढ़ते वक्त उन्होंने बल्ला इतनी जोर से पटका कि वह दो टुकड़ों में टूट गया। यह दृश्य वहां मौजूद खिलाड़ियों और स्टाफ के लिए चौंकाने वाला था।

बल्लेबाजी में पूरी तरह नाकाम
इस मुकाबले में शाहीन अफरीदी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। वह बिना खाता खोले आउट हो गए और टीम को मुश्किल स्थिति में छोड़कर लौटे। एक कप्तान से जिस जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है, वह इस मैच में नजर नहीं आई। उनके जल्दी आउट होने का असर पूरी टीम की बल्लेबाजी पर पड़ा और कोई भी खिलाड़ी टिककर बड़ी पारी नहीं खेल सका। टीम 134 रन के मामूली स्कोर पर सिमट गई, जो इस फॉर्मेट में बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं माना जाता।

गेंदबाजी में भी नहीं दिखा असर
शाहीन अफरीदी से टीम को गेंदबाजी में भी बड़ी उम्मीद थी, लेकिन यहां भी वह खास असर नहीं छोड़ सके। उन्होंने अपने चार ओवर में सिर्फ एक विकेट लिया और रन भी रोके नहीं जा सके। दूसरी ओर क्वेटा के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और लाहौर के बल्लेबाजों को संभलने का मौका ही नहीं दिया। उस्मान तारिक और जहांदाद खान की धारदार गेंदबाजी के सामने पूरी टीम बिखर गई, जिससे मुकाबला एकतरफा हो गया।

पॉइंट्स टेबल में गिरती स्थिति
इस हार के साथ लाहौर की स्थिति और खराब हो गई है। टीम ने अब तक छह मैचों में सिर्फ दो जीत हासिल की है, जबकि चार मुकाबलों में हार झेली है। अंकतालिका में टीम सातवें स्थान पर पहुंच गई है, जिससे प्लेऑफ की राह मुश्किल होती जा रही है। लगातार हार ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी गिरा दिया है, जो मैदान पर साफ नजर आ रहा है।

दूसरी टीमों का दबदबा
जहां एक तरफ लाहौर संघर्ष कर रही है, वहीं दूसरी ओर पेशावर की टीम शानदार फॉर्म में है। सात मैचों में छह जीत के साथ वह अंकतालिका में शीर्ष पर बनी हुई है। यह अंतर दिखाता है कि इस सीजन में कौन सी टीम लय में है और कौन संघर्ष कर रही है। अगर लाहौर को वापसी करनी है तो कप्तान और टीम दोनों को जल्द ही अपनी रणनीति और प्रदर्शन में बदलाव करना होगा, वरना यह सीजन उनके लिए पूरी तरह निराशाजनक साबित हो सकता है।

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