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सुरेश रैना का खुलासा, धोनी नहीं सचिन तेंदुलकर ने बनाया था खास नियम..’वर्ना भरनी पड़ेगी फाइन’

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज ऑलराउंडर खिलाड़ी सुरेश रैना ने हाल ही में अपनी एक बातचीत के दौरान एक खास किस्सा सुनाया। उन्होंने साल 2011 विश्वकप के समय कैसे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अपने ही बनाए प्लान में फंस गए थे और उन्हें फाइन भरना पड़ा था। खुद सचिन तेंदुलकर ने इसपर एक मजेदार किस्सा सुनाया है।

सुरेश रैना ने सुनाया मजेदार किस्सा

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी सुरेश रैना ने एक मजेदार किस्सा सुनाया है। दिग्गज ने हाल ही में यूट्यूबर रणवीर अलाहबादिया के शो में पहुंचे। जहां पर उन्होंने बताया कि सचिन तेंदुलकर ने एक नियम बनाया कि सभी टीम के साथी सुबह 7:45 पर एकसाथ नाश्‍ता करेंगे और अगर कोई देरी से आया तो उसे 10,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा।

सुरेश रैना ने बताया कि साल 2011 वर्ल्‍ड कप की जीत बहुत स्‍पेशल थी। हम दो-तीन साल से तैयारी कर रहे थे। सचिन तेंदुलकर और गैरी कर्स्‍टन ने जिस तरह का माहौल बनाया था कि टीम में हर किसी को एक-दूसरे की इज्‍जत करनी है, चाहे नतीजा कुछ भी हो। हर किसी के लिए खड़े होना बेहद जरूरी था। सचिन तेंदुलकर ने नियम बनाया था कि 2011 वर्ल्‍ड कप टीम के सदस्‍य सुबह 7:45 बजे एकसाथ नाश्‍ता करेंगे। अगर कोई देरी से आया तो उस पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।

सुरेश रैना ने की सचिन की तारीफ, बोले पाजी ने बैठक में किया था प्रोत्साहित

भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी रहे सुरेश रैना ने बताया कि कैसे घर में वर्ल्‍ड कप होने के कारण टीम दबाव में थी। उन्‍होंने साथ ही कहा कि जब भारत को दक्षिण अफ्रीका से शिकस्‍त मिली तब सचिन तेंदुलकर ने टीम बैठक में सभी खिलाड़‍ियों को प्रोत्‍साहित किया था। उन्‍होंने कहा कि टीम अपनी गलतियों से सबक लेगी और इसे नहीं दोहराएगी व खिताब जीतेगी। आगे ऐसा ही हुआ।

उन्होंने कहा कि 2011 वर्ल्‍ड कप में हमारा पाकिस्‍तान के खिलाफ मैच था। हमें पता था कि अगर 260-270 रन बना लिए तो हम उन्‍हें इतना स्‍कोर बनाने नहीं देंगे। ऐसा इसलिए क्‍योंकि हमारे पास दबाव सोखने वाले खिलाड़ी थे। हमारे पास कैप्‍टन कूल थे। हमारे पास वर्ल्‍ड क्‍लास गेंदबाज थे। हमें बस उन्‍हें गलत शॉट खेलने के लिए बाध्‍य करना था। यह शानदार फील्डिंग, थ्रो करना, बेहतरीन ऊर्जा या आंख से आंख मिलाने के बारे में था। हम तब तक नीचे नहीं देखेंगे जब तक मैच खत्‍म न हो और जब उनके खिलाफ खेले तो आंख में आंख डालकर देखना है।