
विजय हजारे ट्रॉफी में दो शतक एक साथ, तिलक और अक्षर ने पलटी मैच की तस्वीर, आंकड़ों ने बढ़ाई हलचल
विजय हजारे ट्रॉफी में तिलक वर्मा और अक्षर पटेल ने अलग-अलग मैचों में शतक जड़कर तस्वीर पलट दी। दबाव में आई इन पारियों ने टूर्नामेंट में कप्तानी और ऑलराउंड क्षमता की अहमियत दिखा दी।
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान हैदराबाद के कप्तान तिलक वर्मा ने दबाव में शानदार शतकीय पारी खेली। चंडीगढ़ के खिलाफ मुकाबले में हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने 25 रन पर पहला विकेट गंवा दिया। ऐसे हालात में तिलक ने जिम्मेदारी संभाली और अभिरथ रेड्डी के साथ तीसरे विकेट के लिए 114 रन की अहम साझेदारी की। इसके बाद भी उन्होंने रन बनाना जारी रखा और पारी को संभालते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
118 गेंदों में तिलक का भरोसेमंद शतक
तिलक वर्मा ने अपनी पारी में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने 118 गेंदों पर 109 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। यह उनके लिस्ट-ए करियर का छठा शतक रहा। तिलक की इस पारी की बदौलत हैदराबाद बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। कप्तान के रूप में उनकी यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि शुरुआती झटकों के बाद उन्होंने टीम को टूटने नहीं दिया और अंत तक पारी को दिशा देते रहे।
अक्षर पटेल ने मुश्किल हालात में दिखाया दम
दूसरी ओर गुजरात के लिए अक्षर पटेल ने आंध्र प्रदेश के खिलाफ यादगार पारी खेली। गुजरात की टीम भी 29 रन पर तीन विकेट गंवाकर मुश्किल में फंस गई थी। ऐसे समय में अक्षर बल्लेबाजी के लिए आए और विशाल जायसवाल के साथ छठे विकेट के लिए 142 रन की बड़ी साझेदारी कर डाली। इस साझेदारी ने गुजरात की पारी को नई जान दी और मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
130 रन की पारी और करियर का पहला शतक
अक्षर पटेल ने 111 गेंदों में 130 रन की दमदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। यह उनके लिस्ट-ए करियर का पहला शतक था और इसी मैच में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी सामने आया। अक्षर ने न सिर्फ शीर्ष क्रम की नाकामी को संभाला, बल्कि निचले क्रम के साथ भी रन जोड़ते हुए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित किया कि अक्षर जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी से भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
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