
ODI क्रिकेट के ‘ग्लव्स हीरो’: इन 5 विकेटकीपरों ने कैच से बदल दिए मैच के रुख!
ODI क्रिकेट में विकेटकीपरों की फुर्ती और कैचिंग ने कई मैचों का रुख बदला. गिलक्रिस्ट, बाउचर, संगकारा, धोनी और रहीम जैसे विकेटकीपरों ने न केवल विकेट लिए, बल्कि अपने देश के लिए कई यादगार जीतों में अहम भूमिका निभाई।
क्रिकेट में अगर कोई खिलाड़ी हर गेंद पर 100% एक्टिव होता है, तो वह है विकेटकीपर. चाहे तेज गेंदबाज की रफ्तार हो या स्पिनर की चालाकी – विकेटकीपर हर हाल में तैयार रहता है. उसका एक शानदार कैच या बिजली-सी स्टंपिंग पूरे मैच का पासा पलट सकती है. ODI क्रिकेट के इतिहास में कुछ विकेटकीपर ऐसे हुए जिन्होंने अपनी फुर्ती और पकड़ से गेम के रुख ही बदल दिए.
गिलक्रिस्ट: रिकॉर्ड्स की झड़ी लगाने वाले ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज
ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट ने 1996 से 2008 तक खेले 287 वनडे में 417 कैच और कुल 472 डिसमिसल किए. उनका प्रति पारी औसत रहा 1.679, जो उन्हें इस लिस्ट में सबसे ऊपर खड़ा करता है. एक पारी में 6 कैच पकड़ना आज भी एक यादगार रिकॉर्ड है.
बाउचर: साउथ अफ्रीका की दीवार पीछे से
मार्क बाउचर ने 295 वनडे में विकेटकीपिंग करते हुए 402 कैच पकड़े और कुल 424 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. उनका डिसमिसल औसत 1.462 रहा. शांत लेकिन जानलेवा, बाउचर ने गिलक्रिस्ट को कड़ी टक्कर दी.
संगकारा: विकेट के पीछे भी उतने ही क्लासिक
श्रीलंका के कुमार संगकारा ने 404 मैचों में 383 कैच और कुल 482 डिसमिसल किए. उनकी कीपिंग औसत 1.365 रही. बल्लेबाजी के साथ-साथ उनकी कीपिंग ने भी श्रीलंका को कई अहम मुकाबले जिताए.
धोनी: स्टंपिंग के ‘किंग’
भारत के एमएस धोनी ने 350 वनडे में 321 कैच और कुल 444 डिसमिसल किए, जिनमें 123 स्टंपिंग शामिल हैं – जो एक विश्व रिकॉर्ड है. 1.286 की औसत से धोनी ने दिखा दिया कि वह क्यों ‘कैप्टन कूल’ कहलाते हैं.
रहीम: बांग्लादेश की भरोसेमंद ‘ग्लव्स’
मुशफिकुर रहीम ने 274 मैचों में 241 कैच और 297 डिसमिसल किए. उनका औसत 1.151 रहा. एक पारी में 5 कैच लेने का उनका रिकॉर्ड आज भी बांग्लादेश की कीपिंग विरासत को मजबूत करता है.




