
भावनाओं की कप्तान: काव्या मारन और सनराइजर्स की अनसुनी कहानी
SRH की सह-मालकिन और CEO काव्या मारन टीम के साथ जुड़ी हर भावना की जीवंत झलक बन गई हैं. चाहे हैदराबाद का घरेलू मैदान हो या अहमदाबाद-चेन्नई जैसे दूर-दराज के वेन्यू—कैमरामैन हर बार उन्हें ढूंढ निकालते हैं.
सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) इंडियन प्रीमियर लीग में अब पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर फ्रेंचाइजी बन चुकी है. ट्रैविस हेड, पैट कमिंस और हेनरिक क्लासेन जैसे सितारों के आने से टीम की मजबूती और आत्मविश्वास दोनों में इजाफा हुआ है. SRH अब केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर ही नहीं, बल्कि एक मजबूत नेतृत्व और जुनून की वजह से भी चर्चा में है.
काव्या मारन: मैदान की सबसे चर्चित शख्सियत
SRH की सह-मालकिन और CEO काव्या मारन टीम के साथ जुड़ी हर भावना की जीवंत झलक बन गई हैं. चाहे हैदराबाद का घरेलू मैदान हो या अहमदाबाद-चेन्नई जैसे दूर-दराज के वेन्यू—कैमरामैन हर बार उन्हें ढूंढ निकालते हैं. स्टैंड में बैठी काव्या की प्रतिक्रियाएं—उत्साह, निराशा, खुशी या आंसू—हर SRH प्रशंसक से गहराई से जुड़ जाती हैं.
‘मैं बस खुद को रोक नहीं सकती’
एक इंटरव्यू में काव्या ने बताया, “आप जो देख रहे हैं, वह मेरी सच्ची भावनाएं हैं. मेरा जॉब मुझे सबके सामने ला खड़ा करता है, और मैं इसे छिपा नहीं सकती.” उनका कहना है कि चाहे वो दर्शक दीर्घा में बैठी हों या ड्रेसिंग रूम में, वह SRH की हर जीत और हार को निजी तौर पर महसूस करती हैं.
दिल से खेल के साथ जुड़ाव
काव्या, जो सन टीवी नेटवर्क और SRH की कार्यकारी निदेशक भी हैं, मानती हैं कि जब कोई अपने काम में दिल और आत्मा झोंकता है, तो उसका हर उतार-चढ़ाव निजी बन जाता है. उन्होंने कहा, “जब SRH की बात होती है, तो मैं दिल से सोचती हूं, यही मुझे इससे गहराई से जोड़ता है.”
अब भी बाकी है ट्रॉफी की तलाश
SRH ने आखिरी बार 2016 में आईपीएल ट्रॉफी जीती थी. इसके बाद टीम 2018 और 2024 के फाइनल तक पहुंची, लेकिन खिताब से चूक गई. अब काव्या और उनके जुनूनी नेतृत्व में फ्रेंचाइजी एक बार फिर नई ऊर्जा के साथ अगले सीजन की तैयारी कर रही है.




