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क्रिकेट में कैच लेने के बाद गेंद हवा में क्यों उछालते हैं खिलाड़ी, वजह जानकर आपका खेल देखने का नजरिया बदल जाएगा

क्रिकेट में कैच लेने के बाद गेंद हवा में उछालना सिर्फ जश्न नहीं, बल्कि नियम और परंपरा से जुड़ा संकेत है। इसका मकसद अंपायर को यह दिखाना होता है कि फील्डर ने गेंद पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया है।

क्रिकेट का खेल जितना रोमांचक होता है, उसके नियम उतने ही दिलचस्प भी होते हैं। कई बार दर्शक मैच देखते हुए सोच में पड़ जाते हैं कि आखिर अंपायर ने आउट क्यों दिया या क्यों नहीं दिया। खासकर कैच आउट के नियम ऐसे हैं, जिनकी जानकारी बहुत कम लोगों को होती है। आमतौर पर जब कोई फील्डर या विकेट के पीछे खड़ा खिलाड़ी कैच पकड़ता है, तो वह गेंद को तुरंत हवा में उछाल देता है और फिर पकड़ लेता है। देखने में यह जश्न जैसा लगता है, लेकिन इसके पीछे एक नियम और पुरानी परंपरा छिपी हुई है, जिसे जानना हर क्रिकेट प्रेमी के लिए जरूरी है।

गेंद हवा में उछालने के पीछे असली कारण
क्रिकेट के नियमों के मुताबिक कैच तभी पूरा माना जाता है, जब फील्डर गेंद पर पूरा नियंत्रण हासिल कर ले और अपना संतुलन भी संभाल ले। पुराने समय में जब मैदान पर कैमरे, धीमी गति की रिप्ले और तकनीकी जांच जैसी सुविधाएं नहीं थीं, तब अंपायर के लिए यह तय करना मुश्किल होता था कि कैच सही है या नहीं। ऐसे में खिलाड़ी गेंद को हवा में उछालकर यह दिखाते थे कि उनके हाथ में गेंद पूरी तरह सुरक्षित है और वे चाहें तो उसे छोड़ भी सकते हैं। यह गेंद उछालना अंपायर के लिए एक साफ संकेत होता था कि कैच पूरी तरह सही है और इसमें कोई शक नहीं है।

आज भी क्यों जारी है यह आदत
समय के साथ क्रिकेट में तकनीक काफी आगे बढ़ गई है। अब हर कैच को कई कोणों से देखा जाता है और फैसले ज्यादा साफ नजर आते हैं। इसके बावजूद खिलाड़ी आज भी कैच लेने के बाद गेंद को हवा में उछालते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यह आदत सालों से चली आ रही है और अब यह खिलाड़ियों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया बन चुकी है। कई खिलाड़ी इसे खुशी जाहिर करने का तरीका मानते हैं, लेकिन असल में इसकी जड़ें पुराने नियमों और अंपायर को भरोसा दिलाने की परंपरा से जुड़ी हुई हैं।

कैच आउट होने के आसान नियम
कैच आउट होने के लिए कुछ जरूरी बातें होती हैं। सबसे पहले गेंद गलत तरीके से फेंकी गई नहीं होनी चाहिए। गेंद बल्लेबाज के बल्ले को छूनी जरूरी है, तभी कैच माना जाएगा। इसके बाद फील्डर को गेंद जमीन पर गिरने से पहले पकड़नी होती है। कैच के समय गेंद न तो जमीन को छुए और न ही सीमा रेखा या उसके बाहर किसी चीज को। अगर फील्डर का हाथ जमीन पर लगा हो, तब भी कैच सही माना जाता है, बस गेंद उंगलियों के ऊपर सुरक्षित होनी चाहिए। फील्डर का मैदान के अंदर रहना भी जरूरी होता है। यही आसान नियम तय करते हैं कि कैच सही है या नहीं।

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