
Year Ender 2025 भारतीय क्रिकेट का यादगार साल बना, हार भी देखी जीत भी, लेकिन इन लम्हों ने इतिहास बदल दिया
Year Ender 2025 में भारतीय क्रिकेट ने इतिहास रचा। महिला टीम की वर्ल्ड कप जीत, चैंपियंस ट्रॉफी में पुरुष टीम का दबदबा, एशिया कप में पाकिस्तान पर लगातार जीत और इंग्लैंड में जज्बे भरी टेस्ट वापसी ने साल को यादगार बना दिया।
2025 भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे भावुक सालों में से एक रहा और इसकी सबसे बड़ी वजह महिला क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप जीत बनी। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने पहली बार विश्व चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। टूर्नामेंट की शुरुआत आसान नहीं रही। शुरुआती जीत के बाद लगातार तीन हार ने टीम को मुश्किल में डाल दिया, लेकिन ‘करो या मरो’ मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर टीम ने वापसी की। इसके बाद सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 339 रन का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल किया गया, जिसे महिला क्रिकेट की सबसे बड़ी जीतों में गिना गया। फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराकर भारत ने वो सपना पूरा किया, जिसका इंतजार दशकों से किया जा रहा था।
चैंपियंस ट्रॉफी से भारत का जलवा
महिला टीम के बाद पुरुष टीम ने भी 2025 को यादगार बना दिया। चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। ग्रुप स्टेज में बांग्लादेश, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड को हराकर टीम ने अपनी ताकत दिखाई। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत सिर्फ एक मैच नहीं थी, बल्कि 2023 वर्ल्ड कप फाइनल की हार का जवाब भी थी। फाइनल में न्यूजीलैंड को मात देकर भारत ने 12 महीने के भीतर दूसरी आईसीसी ट्रॉफी जीत ली। इस जीत ने साबित कर दिया कि भारतीय टीम बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने की कला सीख चुकी है।
एशिया कप में पाकिस्तान पर लगातार जीत
एशिया कप 2025 सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ा आयोजन रहा। सीमा पर तनाव के माहौल के बीच मैदान पर भारत और पाकिस्तान आमने-सामने थे। भारत ने हर मुकाबले में पाकिस्तान को हराकर अपना दबदबा कायम रखा। ग्रुप स्टेज, सुपर-4 और फिर फाइनल, हर बार टीम इंडिया भारी पड़ी। फाइनल में तिलक वर्मा और शिवम दुबे की दमदार बल्लेबाजी ने जीत की कहानी लिखी। इस टूर्नामेंट ने भारतीय क्रिकेट फैंस को गर्व और सुकून दोनों दिया।
इंग्लैंड में जज्बे की टेस्ट कहानी
इंग्लैंड दौरा भारतीय टीम के लिए सबसे कठिन चुनौतियों में से एक था। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों की गैरमौजूदगी में युवा टीम पर दबाव था। सीरीज में भारत पिछड़ता नजर आया, लेकिन आखिरी टेस्ट में कहानी बदल गई। मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने आखिरी दिन ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने क्रिकेट इतिहास में जगह बना ली। इंग्लैंड को छह रन से हराकर भारत ने सीरीज 2-2 से ड्रॉ कर ली। यह जीत सिर्फ स्कोर की नहीं बल्कि जज्बे और संघर्ष की जीत थी।
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