
युवराज-गंभीर की केमेस्ट्री ने जीता फैंस का दिल, मैदान में की मौज-मस्ती, टीम इंडिया को दिया जबरदस्त जोश
न्यू चंडीगढ़ टी20 से पहले युवराज सिंह और गौतम गंभीर की मजेदार नोकझोंक वायरल हो गई। युवराज ने टीम को प्रेरक टॉक दी और स्टेडियम में उनके नाम पर स्टैंड का उद्घाटन हुआ, जिससे फैंस में पुरानी यादें ताज़ा हो गईं।
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर आमतौर पर अपने गंभीर और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, लेकिन न्यू चंडीगढ़ में दूसरे टी20 से पहले उनका एक नया रूप दिखाई दिया. मैदान पर युवराज सिंह पहुंचे और जैसे ही उन्होंने गंभीर को देखा, माहौल पूरी तरह बदल गया. युवराज ने मजाकिया अंदाज़ में गंभीर के कंधे पर हाथ रखकर उन्हें पकड़ लिया. गंभीर पहले तो चौंक गए और उनसे बचते नज़र आए, लेकिन दोनों के बीच की यह हल्की-फुल्की नोंकझोंक कैमरों में कैद हो गई. यह तस्वीर कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और फैंस ने तुरंत कमेंट करना शुरू कर दिया कहीं यह 2007 वर्ल्ड कप वाले दिनों की याद तो नहीं?
युवराज को मिला बड़ा सम्मान
न्यू चंडीगढ़ के स्टेडियम में युवराज सिंह के नाम पर एक स्टैंड बनाया गया है, जो उनकी महानता का प्रतीक है. उनके साथ भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को भी यह सम्मान दिया गया. मैच शुरू होने से पहले गौतम गंभीर ने युवराज से कहा कि वह टीम इंडिया को संबोधित करें. युवराज ने ड्रेसिंग रूम में जाकर खिलाड़ियों को प्रेरक पेप टॉक दिया. वह अपने खास अंदाज़ में जोश भरते दिखे. खास बात यह रही कि उनके दो शागिर्द शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा प्लेयर टॉक के दौरान उनके साथ दिखाई दिए. अभिषेक से युवी ने कुछ खास बातें भी कहीं, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर कयासों का दौर जारी है.
मैदान पर दो दिग्गजों की हंसी-मज़ाक
युवराज और गंभीर दोनों ही 2011 वर्ल्ड कप टीम के अहम सदस्य रहे हैं और मैदान से बाहर उनकी दोस्ती हमेशा चर्चा में रहती है. हालांकि गंभीर आमतौर पर मज़ाक से दूरी रखते हैं, लेकिन युवराज के सामने उनका गंभीर चेहरा भी बदल जाता है. दोनों की इस वायरल तस्वीर ने फैंस को भावुक कर दिया. कई फैंस ने लिखा कि यह पल भारतीय क्रिकेट की गोल्डन मेमरीज की याद दिलाता है. यह भी देखने वाला दृश्य था कि गंभीर, जो मैच से पहले पूरी रणनीति में डूबे रहते हैं, युवराज के एक मजाक से मुस्कुराने लगे.
टीम इंडिया के लिए युवराज का योगदान
युवराज सिंह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में उन दुर्लभ खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से टीम इंडिया को चैंपियन बनाया. 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में उनकी छह गेंदों में छह छक्के और 2011 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का प्रदर्शन आज भी भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी यादों में शामिल है. वनडे में उनके 8701 रन, 14 शतक और गेंद से 111 विकेट उनकी बहुमुखी प्रतिभा बताते हैं. टेस्ट और टी20 में भी उनका योगदान अनमोल रहा. यही वजह है कि आज भी मैदान में उनकी मौजूदगी खिलाड़ियों में जोश भर देती है. न्यू चंडीगढ़ में गंभीर और युवराज की यह मुलाकात न सिर्फ भावुक थी, बल्कि टीम इंडिया के मनोबल के लिए भी बेहद खास साबित हुई।
W88 Sports News




