
मीनाक्षी हुड्डा और प्रीति पवार ने रचा इतिहास. भारत को विश्व मुक्केबाजी कप में दो स्वर्ण पदक
विश्व मुक्केबाजी कप में भारत की मीनाक्षी हुड्डा और प्रीति पवार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीत लिए। दोनों ने फाइनल में 5-0 के अंतर से जीत दर्ज की और भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
विश्व मुक्केबाजी कप में बुधवार का दिन भारत के नाम रहा. रिपोर्ट के मुताबिक 48 किलोग्राम वर्ग में मीनाक्षी हुड्डा और 54 किलोग्राम में प्रीति पवार ने अपने दमदार खेल से गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया.
मीनाक्षी का दबदबा हर राउंड में दिखा
उज्बेकिस्तान की फोजिलोवा फरजोना के खिलाफ मीनाक्षी शुरुआत से ही हावी रहीं. उन्होंने हर राउंड में बढ़त बनाए रखी और 5-0 से सर्वसम्मति निर्णय के साथ मुकाबला खत्म किया. मीनाक्षी ने कहा कि यह टूर्नामेंट खास था क्योंकि यह भारत में हो रहा था और वह शुरुआत से ही इसे जीतने का लक्ष्य लेकर उतरी थीं.
कड़ी मेहनत और लगातार सफलता का सफर
हरियाणा के रुड़की गांव की 23 वर्षीय मीनाक्षी ने 12 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू की थी. रिपोर्ट के मुताबिक उनका शानदार सफर 2019 यूथ नेशनल्स के गोल्ड और 2021 सीनियर नेशनल्स के रजत के बाद और मजबूत हुआ. लगातार प्रदर्शन की वजह से ही उन्हें आईटीबीपी में नौकरी भी मिली, जिसने उनके परिवार की स्थिति सुधार दी.
प्रीति पवार की धमाकेदार वापसी
भारत की प्रीति पवार ने इटली की सिरीन चाराबी को 5-0 से हराकर 54 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता. लंबे समय से खराब फॉर्म से जूझ रहीं प्रीति ने इस टूर्नामेंट में जबरदस्त वापसी की. उन्होंने कहा कि वह अब और मजबूत महसूस कर रही हैं और आने वाले टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ देने को तैयार हैं.
ओलंपिक को लेकर बड़ी तैयारी
प्रीति का अगला लक्ष्य एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक है. उन्होंने कहा कि उनकी नजरें अब बड़े मंचों पर हैं और वह अपने खेल को लगातार निखारने में जुटी हैं.
भारत की दोहरी जीत बनी चर्चा का विषय
मीनाक्षी और प्रीति ने हर मुकाबले में अपना दबदबा दिखाया और दोनों ने सभी बाउट 5-0 से जीते. रिपोर्ट के मुताबिक यह जीत भारत के लिए बड़ी खुशी और खेल जगत के लिए प्रेरणा बनी है.
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