
17 साल बाद भारत का बड़ा धमाका: तन्वी शर्मा ने रचा इतिहास, तोड़ा साइना नेहवाल का रिकॉर्ड
16 वर्षीय तन्वी शर्मा ने बीडब्ल्यूएफ विश्व जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया. वह 17 साल बाद पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय बनीं, जिन्होंने साइना नेहवाल के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए देश का गौरव बढ़ाया.
भारतीय बैडमिंटन में एक नया सितारा चमका है. 16 साल की तन्वी शर्मा बीडब्ल्यूएफ विश्व जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया. वह 17 साल में पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं. तन्वी ने जापान की साकी मत्सुमोतो को 47 मिनट तक चले मुकाबले में 13-15, 15-9, 15-10 से हराया. एक गेम से पिछड़ने के बाद तन्वी ने शानदार वापसी की और देश के लिए मेडल सुनिश्चित किया.
उन्नति हुड्डा की जंग अधूरी रह गई
वहीं, आठवीं वरीयता प्राप्त उन्नति हुड्डा की यात्रा यहीं थम गई. वह दूसरी वरीयता प्राप्त थाईलैंड की अन्यापत फिचित्फोन से 12-15, 13-15 से हारकर बाहर हो गईं. उन्नति वही खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओडिशा ओपन सुपर 100 का खिताब जीतकर सबसे युवा भारतीय के रूप में इतिहास रचा था.
भारत की बाकी जोड़ियों का सफर खत्म
महिला युगल में भव्या छाबड़ा और विशाखा टोप्पो की जोड़ी चीनी ताइपै के हुंग बिंग फू और चोउ युन अन से 9-15, 7-15 से हार गई. पुरुष युगल में भार्गव राम अरिगेला और विश्व तेज गोबुरु की जोड़ी को चीन की चेन जुन टिंग और लियू जुन रोंग की जोड़ी ने 12-15, 10-15 से मात दी.
साइना नेहवाल के बाद नया इतिहास
आखिरी बार भारत की ओर से किसी महिला ने विश्व जूनियर चैंपियनशिप में मेडल 2008 में जीता था जब साइना नेहवाल ने पुणे में गोल्ड पर कब्जा किया था. इससे पहले उन्होंने 2006 में सिल्वर और अर्पणा पोपट ने 1996 में सिल्वर मेडल जीता था. अब तन्वी शर्मा उस विरासत को आगे बढ़ा रही हैं.
लड़कों के एकल में निराशा
लड़कों के सिंगल्स में ज्ञान दत्तू को चीन के तीसरी वरीयता प्राप्त लियू यांग मिंग यू ने 15-11, 15-13 से हराया. हालांकि, तन्वी की जीत ने पूरे भारतीय कैंप का मनोबल ऊंचा कर दिया है और अब सबकी नजरें उनके फाइनल में पहुंचने पर टिकी हैं.
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