
विंबलडन में भारत के खिलाड़ी रोनित कार्की ने किया कमाल, अब प्री क्वार्टर फाइनल में अमेरीकी खिलाड़ी से होगा मुकाबला
टेनिस के सबसे बड़े इवेंट्स में शामिल विंबलडन का खुमार पूरे विश्व पर छाया हुआ है। जैसी उम्मीद थी, टेनिस के सीनियर खिलाड़ियों में शामिल सर्बिया के नोवाक जोकोविच, स्पेन के कार्लोस अल्काराज और इटली के जैनिक सिन्नर ने अपने दिग्गज होने का सबूत दिया है। गत वर्ष के चैंपियन कार्लोस अल्काराज ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। वहीं, नोवाक जोकोविच और जैनिक सिन्नर के बीच क्वार्टर फाइनल मैच खेला जाना है। भारतीय फैंस के मन भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर सवाल है।
विंबलडन में कैसा रहा भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
टेनिस की तीसरा ग्रैंज स्लैम विंबलडन लंदन में खेला जा रहा है। तो दूसरी ओर जूनियर विंबलडन भी खेला जा रहा है। जहां पर भारतीय मूल के 17 साल के रोनीत कार्की भी शानदार खेल का प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन किया है। वो इस टूर्नामेंट में अमेरिकी टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जूनियर विंबलडन में रोनित ने पहले रोउंड में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वीटजरलैंड के खिलाड़ी एफ थॉमस को 6-3, 3-6, और 7-6 से हराकर दूसरे दौर में कदम रखा। जहां उन्होंने रोनामिया के विश्व के 9 वीं रैंक खिलाड़ी को 6-3 और 6-4 से हराकर प्री क्वाटरफाइनल में प्रवेश कर लिया है। अब उनका मुकाबला उनके ही देश के जैक केनेडी से होगा। अगर वो ये मैच भी जीत जाते हैं तो वो सीधे क्वार्टर फाइनल में पहुंच जाएंगे।
भारतीय खिलाड़ी ने हासिल की रैंक
भारत के खिलाड़ी रोनित कार्की 12 वीं कक्षा के छात्र हैं और विश्व जूनियर टेनिस फेडरेशन में वो 51 वीं रैंक पर हैं। उन्होंने जूनियर विंबलडन में क्वालीफायर राउंड मुकाबले जीतकर टूर्नामेंट में कदम रखा है। जूनियर विंबलडन चैंपियनशिप में खिलाड़ियों की आयु 14 से 18 साल के बीच होती है। रोनित के निजी जीवन के बारे में बात करें, तो उनका परिवार बहुत पहले ही अमेरिका शिफ्ट हो गया था। उनके माता पिता का जन्म स्थान उत्तराखंड के पांखू में जाबुका गांव है। रोनित के पिता त्रिलोक सिंह कार्की और माता कंचन कार्की पेशे से अमेरिका में इंजीनियर हैं। वही, उनकी छोटी बहन रौबी कार्की भी अमेरिका के जूनियर टेबल टेनिस टीम की खिलाड़ी हैं।




