क्रिकेट

सेमीफाइनल से पहले बड़ा झटका: ईजमाई ट्रिप ने छोड़ा साथ, WCL 2025 पर संकट के बादल

WCL 2025 को बड़ा झटका लगा जब ईजमाई ट्रिप ने आतंकी हमले के विरोध में स्पॉन्सरशिप से हाथ खींच लिया। भारत-पाकिस्तान सेमीफाइनल पर संकट गहराया है और लीग का भविष्य अब अधर में नजर आ रहा है।

वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) 2025 को उस समय बड़ा झटका लगा, जब भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित सेमीफाइनल मुकाबले से ठीक पहले प्रमुख स्पॉन्सर ईजमाई ट्रिप ने लीग से अपने हाथ खींच लिए. कंपनी ने ये कदम हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में उठाया है.

‘आतंकवाद और क्रिकेट साथ नहीं चल सकते’ – ईजमाई ट्रिप
ईजमाई ट्रिप के को-फाउंडर निशांत पिट्टी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आतंकवाद और क्रिकेट साथ-साथ नहीं चल सकते.” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ मैच को लेकर लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह फैसला लिया गया है. उनका स्पष्ट संदेश था—“देश पहले, व्यापार बाद में, हमेशा.”

भारत-पाक मैच पर सस्पेंस बरकरार
31 जुलाई को होने वाला पहला सेमीफाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाना था. भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर इस मुकाबले में जगह बनाई थी, जबकि पाकिस्तान पहले ही सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुका था. लेकिन अब इस मुकाबले के आयोजन पर ही सवाल उठ खड़े हुए हैं.

पहले भी हो चुका है विरोध
इससे पहले 20 जुलाई को लीग स्टेज के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते वह मैच रद्द कर दिया गया था. तब आयोजकों को भारतीय फैंस से माफी मांगनी पड़ी थी.

भावनाओं का सम्मान या दबाव की राजनीति?
ईजमाई ट्रिप के इस कदम को जहां कई लोग देशभक्ति से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ इसे खेल को राजनीति से जोड़ने की कोशिश मान रहे हैं. लेकिन इतना तय है कि इस फैसले ने WCL 2025 को एक संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है.

लीग का भविष्य अधर में
अब देखना यह है कि आयोजक इस संकट से कैसे निपटते हैं और क्या भारत-पाकिस्तान का यह बहुप्रतीक्षित मुकाबला समय पर हो भी पाएगा या नहीं. फिलहाल, WCL 2025 की साख और भविष्य दोनों ही सवालों के घेरे में हैं.