
दिव्या देशमुख जीत के बात बोलीं, ‘मैं अग्रेसिव प्लेयर…’ डी गुकेश के साथ बराबरी को लेकर कही ये बात
महिला शतरंज विश्वकप जीतने वाली दिव्या देशमुख की तुलना महेंद्र सिंह धोनी से होती है। उनकी गंभीरता और दबाव को हैंडल करने की क्षमता के चलते ऐसा किया जाता है। अब 19 साल की खिलाड़ी के खुद के खेल पर बात की है।
88वीं ग्रैंड मास्टर बनीं दिव्या देशमुख ने बनाया रिकॉर्ड
फिडे महिला शतरंज विश्व कप चैंपियन दिव्या देशमुख ने जीता। कोनेरू हम्पी को टाईब्रेकर में हराने के बाद 19 साल की खिलाड़ी ने ये खिताब अपने नाम किया । जीत के बाद उनका नाम पूरे देश में चर्चा में रहा है। वो एक आक्रामक खिलाड़ी हैं और उनके लिए दबाव अधिक मायने नहीं रखता। 28 जुलाई को जॉर्जिया के बातुमी में महिला विश्व कप जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनीं। उन्होंने दो भारतीय खिलाड़ियों के बीच हुए फाइनल में टाईब्रेकर में कोनेरू हम्पी को हराया। इस जीत ने ना केवल उन्हें प्रतिष्ठित खिताब दिलाया, बल्कि उन्हें ग्रैंडमास्टर भी बना दिया हैं।
नागपुर में हुआ स्वागत, बोलीं मेरा खेल आक्रामक
दिव्या देशमुख जीत के बाद अपने क्षेत्र नागपुर पहुंची, जहां पर उनका स्वागत हुआ। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ‘दबाव मेरे लिए अधिक मायने नहीं रखता। जो मायने रखता है वह है मेरी अपनी उम्मीदें और लक्ष्य।’ जब उनसे पूछा गया कि उनकी तुलना महेंद्र सिंह धोनी से होती है, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ‘मुझे लगता है कि आक्रामकता हमेशा से मेरे खेल का हिस्सा रही है। मेरे लिए रणनीति और आक्रामक पोजिशन अपनाना आसान है। मुझे लगता है कि यही मेरी शैली है।’
डी गुकेश के साथ बराबरी पर दिव्या ने दिया ये जवाब
साल 2024 में डी गुकेश जब विश्व चैंपियन बनें, तो पूरे देश में उनका नाम गूंजा। चीन के डिंग लिरेन को हराकर डी गुकेश 18 साल की उम्र में विश्व चैंपियन बने। डी गुकेश के साथ दिव्या की समानताओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ‘मुझे लगता है कि हम दोनों का अंत तक लड़ना सबसे बड़ी समानता है।’




