
स्पेनिश कोच की जगह खालिद जमील होंगे फुटबॉल टीम के कोच, 13 साल के बाद किसी भारतीय को मिला ये पद
भारत के पूर्व मिड फील्डर खालिद जमील को भारतीय मेंस फुटबॉल टीम का हेड कोच बना दिया गया है। भारतीय फुटबॉल महासंघ की ओर से इसका ऐलान किया गया है। खास बात ये है कि भारतीय फुटबॉल टीम के कोच पद पर 13 साल के बाद कोई भारतीय कोच बना है। खालिद जमील पूर्व इंटरनेशनल खिलाड़ी हैं।
खालिद जमील को बनाया गया नेशनल फुटबॉल टीम का कोच
48 साल के खालिद जमील को भारतीय मेंस फुटबॉल टीम का हेड कोच बना दिया गया है। जैसा कि हमने आपको बताया कि 13 साल के बाद कोई भारतीय इस पद पर आया है। खालिद जमील की उपलब्धियों के बारे में देखें, तो साल 2017 में अनजान सी मानी जाने वाली आइजॉल फुटबॉल क्लब को ऐतिहासिक आई-लीग खिताब दिलाया था। अब टीम के हेड कोच और पूर्व में इंटरनेशनल खिलाड़ी रहे जमील फिलहाल इंडियन सुपर लीग (ISL) की टीम जमशेदपुर एफसी के कोच हैं।
इन तीन दिग्गजों में AIFF ने जमील को चुना
भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) की कार्यकारी समिति ने तीन नामों की अंतिम सूची में से खालिद जमील को चुना है। बाकी के दो दावेदारों में भारत के पूर्व मुख्य कोच स्टीफन कॉन्स्टेंटाइन और स्लोवाकिया की राष्ट्रीय टीम के पूर्व मैनेजर स्टेफन टार्कोविक शामिल थे। भारतीय फुटबॉल महासंघ की तकनीकी समिति, जिसकी अगुवाई दिग्गज स्ट्राइकर आईएम विजयन कर रहे थे, ने इन तीन उम्मीदवारों को अंतिम चयन के लिए कार्यकारी समिति के सामने शॉर्टलिस्ट किया था।
कोच मनोलो मार्केज की जगह लेंगे जमील
टीम के स्पेनिश कोच मनोलो मार्केज के स्थान पर अब जमील स्पेनिश कोच मनोलो मार्केज की जगह लेंगे, जिन्होंने भारत के हालिया निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पिछले महीने एआईएफएफ से नाता तोड़ लिया था। भारतीय पुरुष राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच बनने वाले आखिरी भारतीय सावियो मेडेइरा थे, जिन्होंने 2011 से 2012 तक यह जिम्मेदारी निभाई थी। मुख्य कोच के रूप में जमील की पहली चुनौती सेंट्रल एशियन फुटबॉल एसोसिएशन (CAFA) नेशंस कप होगी, जो 29 अगस्त से ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान में आयोजित किया जाएगा।
खालिद जमील के बारे में बात करें, तो कुवैत में जन्मे और भारत के पूर्व मिडफील्डर खालिद जमील भारत की शीर्ष फुटबॉल लीग को खिलाड़ी और कोच दोनों रहे हैं। उनके पास एएफसी प्रो लाइसेंस है। साल 2023–24 सीजन के दौरान खालिद जमील ने बीच में ही जमशेदपुर एफसी की कमान संभाली और टीम के प्रदर्शन को पूरी तरह पलट दिया। उन्होंने टीम को न केवल सुपर कप के सेमीफाइनल और फिर उपविजेता बनने तक पहुंचाया, बल्कि ISL प्लेऑफ में भी जगह दिलाई। उनके इस शानदार प्रदर्शन के बदले उन्हें दो साल का कॉन्ट्रैक्ट एक्सटेंशन मिला, जो ISL में किसी भारतीय कोच के लिए एक दुर्लभ उपलब्धि है।




