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गुवाहाटी टेस्ट में टीम इंडिया मुश्किल में, कुलदीप बोले- ‘ये पिच तो बिल्कुल रोड है’, सीरीज बचाना हुआ कठिन

गुवाहाटी टेस्ट में टीम इंडिया मुश्किल में है। साउथ अफ्रीका ने 489 रन ठोक दिए, जबकि भारत सिर्फ 9 रन पर है। कुलदीप यादव ने पिच को "रोड" बताया, जिससे मैच ड्रॉ या हार की स्थिति बनती दिख रही है।

कोलकाता टेस्ट में सिर्फ ढाई दिन में हार के बाद टीम इंडिया गुवाहाटी में सीरीज बचाने के इरादे से उतरी, लेकिन बरसापारा स्टेडियम की पिच ने पहले दो दिनों में ही हालात मुश्किल कर दिए। पहली बार टेस्ट की मेज़बानी कर रहे गुवाहाटी में साउथ अफ्रीका ने पूरे दो दिन बल्लेबाजी की और 489 रन ठोक दिए। भारत गेंदबाजी में कहीं भी असरदार नहीं दिखा। सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि सातवें नंबर के बल्लेबाज मुथुसामी ने शतक बनाया और नौवें नंबर के मार्को यानसन ने 93 रन जोड़कर भारत के गेंदबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया। दूसरे दिन स्टंप्स तक टीम इंडिया सिर्फ 9 रन बना पाई और बिना विकेट गंवाए क्रीज पर टिकी रही, लेकिन मैच का पूरा संतुलन साउथ अफ्रीका के पक्ष में जा चुका है।

कुलदीप यादव का बयान चिंता बढ़ाने वाला
स्टार स्पिनर कुलदीप यादव, जो भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज रहे और चार विकेट झटके, ने पिच के बारे में ऐसा बयान दिया जिसने टीम इंडिया की चिंता बढ़ा दी। मैच के बाद कुलदीप ने कहा कि गुवाहाटी की पिच बिल्कुल रोड जैसी थी, जिसमें गेंदबाजों के लिए कोई सहायता नहीं थी। उन्होंने साफ कहा कि ना स्पिनरों को मदद थी और ना ही तेज गेंदबाजों को। कोलकाता टेस्ट की पिच के बिल्कुल उलट यहां गेंद बिल्कुल नहीं घूम रही थी, उछाल भी समान था और विकेट टूटने के कोई संकेत नहीं थे। कुलदीप का ये बयान साफ दिखाता है कि आने वाले दिनों में गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना बेहद कम है, यानी भारत के लिए वापसी का रास्ता मुश्किल होता जा रहा है।

पिच का व्यवहार बढ़ा रहा है भारत की मुश्किलें
दो दिनों के खेल में पिच एकदम सपाट दिखी है। गेंद पुरानी होने के बावजूद ना रिवर्स स्विंग दिखा और ना ही स्पिन. अगर पिच आगे भी यही व्यवहार जारी रखती है तो भारत को चौथे दिन तक बल्लेबाजी करनी होगी, ताकि साउथ अफ्रीका के स्कोर से आगे निकल सके। लेकिन यहां सबसे बड़ी चुनौती है रन तेजी से बनाना, क्योंकि खराब रोशनी के कारण पहले ही दो दिनों में करीब 20 ओवर का खेल नहीं हो पाया। आगे भी ऐसा ही होने की संभावना है। इस नुकसान का मतलब है कि भारत के पास साउथ अफ्रीका को दोबारा आउट करने के लिए समय कम पड़ सकता है।

ड्रॉ की बढ़ती संभावना, सीरीज खतरे में
अगर पिच आखिरी दिनों में भी नहीं टूटती, तो तीसरी और चौथी पारी में भी बल्लेबाजों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। ऐसे में मैच ड्रॉ होने की संभावना बढ़ जाती है। ड्रॉ का मतलब होगा कि भारत सीरीज हार जाएगा, क्योंकि वह कोलकाता टेस्ट पहले ही गंवा चुका है। ऐसे हालात में भारत के सामने एक ही रास्ता है बेहद लंबी बल्लेबाजी कर मैच पर पकड़ बनाना। लेकिन साउथ अफ्रीका का पहला स्कोर इतना विशाल है कि टीम इंडिया को यहां से जीत के रास्ते तलाशना बेहद मुश्किल दिख रहा है। गुवाहाटी टेस्ट अब भारत के लिए सिर्फ खेल नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा बचाने की लड़ाई बन चुका है।

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