
ड्रीम11 बाहर, ICC शेयर घटा, फिर भी BCCI का खजाना लबालब, नई डील्स ने भर दी कमी
ड्रीम11 की विदाई और ICC शेयर घटने के बावजूद BCCI की कमाई मजबूत रही। नई जर्सी डील्स, बढ़ी ब्याज आय और मजबूत निवेश से बोर्ड ने घाटे की भरपाई कर ली और खजाना लबालब रखा।
ड्रीम11 की स्पॉन्सरशिप वापस लेने और आईसीसी शेयर में कमी के बावजूद बीसीसीआई की आर्थिक सेहत मजबूत बनी हुई है। एपेक्स काउंसिल को सौंपे गए नोट के मुताबिक बोर्ड ने एडिडास के साथ नई जर्सी स्पॉन्सरशिप डील कर घाटे की भरपाई कर ली है। इसके बाद अपोलो टायर्स के साथ भी करार किया गया। अगस्त 2025 में ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन एक्ट लागू होने के बाद ड्रीम11 ने 358 करोड़ रुपये की डील से हाथ खींच लिया था, क्योंकि रियल मनी गेमिंग पर बैन लग गया।
2025-26 में 8,963 करोड़ की कमाई
बीसीसीआई के पूर्व कोषाध्यक्ष और वर्तमान संयुक्त सचिव प्रभतेज सिंह भाटिया ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट ड्राफ्ट पेश किया। इसके अनुसार बोर्ड की अनुमानित कुल आय 8,963 करोड़ रुपये रहने वाली है। भले ही यह आंकड़ा पिछले साल से थोड़ा कम है, लेकिन बीसीसीआई की मजबूत ब्रांड वैल्यू और नए स्पॉन्सरशिप सौदों ने राजस्व को स्थिर बनाए रखा है। नोट में बताया गया कि अगले ढाई साल के लिए ज्यादा कीमत पर नई जर्सी स्पॉन्सरशिप हासिल की गई है, जिससे भरोसा बढ़ा है।
ICC शेयर घटा, ब्याज आय बढ़ी
राजस्व में कमी का सबसे बड़ा कारण आईसीसी इवेंट्स से मिलने वाले शेयर में गिरावट बताया गया है। बीसीसीआई को आईसीसी की कुल आय का 38.5 प्रतिशत हिस्सा मिलता है, लेकिन इस बार उसमें कमी आई है। हालांकि अच्छी बात यह रही कि ब्याज आय में जबरदस्त इजाफा हुआ। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित ब्याज आय 1,500 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल के 1,368 करोड़ रुपये से ज्यादा है। यह मजबूत कोष प्रबंधन और निवेश रणनीति का नतीजा माना जा रहा है।
जनरल फंड बढ़ा, टैक्स का बड़ा प्रावधान
एपेक्स काउंसिल को बताया गया कि बीसीसीआई का जनरल फंड 7,988 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,346 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में बोर्ड ने 3,358 करोड़ रुपये का सरप्लस दर्ज किया। नए बजट में 6,728 करोड़ रुपये के अनुमानित सरप्लस के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर सब्सिडी के लिए 500 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके अलावा 3,320 करोड़ रुपये के इनकम टैक्स, 1,000 करोड़ रुपये के आपात खर्च और करीब 160 करोड़ रुपये की मुकदमेबाजी लागत के लिए भी प्रावधान किया गया है। कुल मिलाकर, चुनौतियों के बावजूद बीसीसीआई की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है।
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