
तलहटी से वापसी की दहाड़, SG Pipers ने Ranchi Royals को हराया, टूर्नामेंट में फाइनल की दस्तक
SG Pipers ने महिला हॉकी इंडिया लीग में शानदार वापसी करते हुए Ranchi Royals को 2-0 से हराया। नवनीत कौर और टेरेसा वियाना के गोलों के साथ मजबूत डिफेंस ने जीत दिलाई और टीम ने फाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाया।
पिछले सीजन में तालिका में सबसे नीचे रहने वाली SG Pipers ने इस बार महिला हॉकी इंडिया लीग की शुरुआत बेहद दमदार अंदाज में की। रांची के मारांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में पिपर्स ने घरेलू टीम और डेब्यूटेंट Ranchi Royals को 2-0 से हराकर साफ संदेश दे दिया कि यह टीम इस बार बदले इरादों के साथ उतरी है। मैच की शुरुआत से ही SG Pipers ने रफ्तार और अनुशासन के साथ खेल दिखाया। घरेलू दर्शकों के दबाव के बावजूद रांची की टीम को कोई आसान मौका नहीं मिला और पिपर्स ने पूरे मैच में नियंत्रण बनाए रखा।
नवनीत और टेरेसा के गोलों ने दिलाई बढ़त
मैच का पहला गोल 27वें मिनट में आया जब टीम की कप्तान नवनीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर से शानदार फिनिश किया। यह पिपर्स का दूसरा पेनल्टी कॉर्नर था और पुश व ट्रैप पूरी तरह सटीक रहा। नवनीत ने बिना गलती किए गेंद को बाएं निचले कोने में डाल दिया। Ranchi Royals की गोलकीपर बिचू देवी ने बचाव की कोशिश जरूर की लेकिन गेंद रोक नहीं सकीं। अंतिम क्वार्टर की शुरुआत में पिपर्स ने बढ़त दोगुनी कर दी। उरुग्वे की टेरेसा वियाना ने बेहतरीन फील्ड गोल करते हुए बीच से दौड़ लगाई और दाईं ओर से मिले सटीक क्रॉस को धैर्य के साथ जाल में पहुंचाया।
डिफेंस बना जीत की असली दीवार
हालांकि दो गोल निर्णायक रहे लेकिन मैच की असली कहानी SG Pipers के मजबूत डिफेंस ने लिखी। स्पेन की डिफेंडर लोला रिएरा ने प्लेयर ऑफ द मैच प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि रिएरा मैच से एक दिन पहले बीमारी के चलते अस्पताल में पांच घंटे तक भर्ती रहीं। इसके बावजूद उन्होंने पूरे मैच में शानदार टैकलिंग और पोजिशनिंग दिखाई। खुद रिएरा ने बताया कि शुरुआत में शरीर साथ नहीं दे रहा था लेकिन दर्शकों के शोर और टीम के समर्थन ने उन्हें ऊर्जा दी। एड्रेनालिन के साथ उन्होंने अपनी कमजोरी को पूरी तरह भुला दिया और रांची के हमलों को लगातार नाकाम किया।
Ranchi Royals की चूकी मौकेबाजी
Ranchi Royals के लिए यह मुकाबला सीख भरा रहा। टीम ने मैच में पांच पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन एक भी गोल में नहीं बदल सकी। यही उनकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई। हालांकि अगुस्तिना अल्बेर्तारियो ने बाएं फ्लैंक से कुछ अच्छे रन लगाए और उम्मीद की किरण जरूर दिखाई। गोलकीपिंग और डिफेंस में भी रांची को और मेहनत की जरूरत है। वहीं SG Pipers ने यह दिखा दिया कि पिछली नाकामी उनके लिए सबक थी। इस जीत के साथ पिपर्स ने न सिर्फ मजबूत वापसी की है बल्कि साफ संकेत भी दे दिया है कि इस बार फाइनल की रेस में उनका नाम सबसे आगे रहेगा।
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