
ड्यूक्स बॉल पर विवाद: जाजोदिया ने दी सफाई, कहा- खिलाड़ियों की आलोचना जायज, लेकिन सुधार की प्रक्रिया जारी
एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 में ड्यूक्स बॉल की गुणवत्ता पर विवाद गहराया। मालिक दिलीप जाजोदिया ने सफाई दी कि खिलाड़ियों की आलोचना जायज है और सुधार की प्रक्रिया जारी है। भारत में ड्यूक्स की नई शुरुआत की तैयारी है।
भारत और इंग्लैंड के बीच जारी एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 के तीसरे टेस्ट में ड्यूक्स बॉल की गुणवत्ता पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. लॉर्ड्स टेस्ट के दूसरे दिन भारत को दो बार गेंद बदलनी पड़ी क्योंकि खिलाड़ियों को उसकी शेप और सॉफ्टनेस को लेकर शिकायत थी. शुभमन गिल और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी पहले ही बॉल के जल्दी खराब होने की बात कह चुके हैं.
ड्यूक्स बॉल का इतिहास और मालिक की सफाई
ड्यूक्स बॉल का निर्माण 1760 से हो रहा है. 1987 में इस कंपनी को भारतीय उद्यमी दिलीप जाजोदिया ने खरीदा था. अब इस विवाद पर उन्होंने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि गेंद बनाने की प्रक्रिया आसान नहीं है और इसमें मौसम, मैदान और आज के क्रिकेट की मांगें बड़ी भूमिका निभाती हैं. जाजोदिया ने यह भी बताया कि उनकी कंपनी इन समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और बॉल की गुणवत्ता में सुधार के लिए तैयार है.
गर्मी, भारी बल्ले और तेज शॉट्स भी वजह
जाजोदिया ने माना कि यूके में हाल के गर्म मौसम, भारी बैट्स और ताकतवर शॉट्स के कारण गेंद जल्दी खराब हो रही है. उन्होंने बताया कि अब गेंद बाउंड्री पार कर सीधी दीवारों से टकरा रही है जिससे उसकी शेप बिगड़ना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा, “मैं आराम से बैठकर सिगार नहीं पी रहा हूं, हम लगातार काम कर रहे हैं.”
इंग्लैंड के दिग्गज भी हुए नाखुश
भारत ही नहीं, इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड और कप्तान नासिर हुसैन ने भी ड्यूक्स बॉल की क्वालिटी पर सवाल उठाए हैं. लॉर्ड्स टेस्ट में 10 ओवर पुरानी गेंद बदली गई लेकिन फिर से उसकी शेप बिगड़ने पर दोबारा गेंद बदलनी पड़ी, जिससे भारतीय कप्तान गिल नाराज दिखे.
भारत में ड्यूक्स की बड़ी तैयारी
ड्यूक्स अब भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है. मेरठ से गेंदें मंगाकर यूके में तैयार की जा रही थीं, लेकिन अब भारत में ही फिनिशिंग की जाएगी. कंपनी ने बेंगलुरु में ऑफिस रजिस्टर किया है और बीसीसीआई से बातचीत जारी है. ब्रिजेश पटेल ड्यूक्स इंडिया के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे.
SG को चुनौती देगा ड्यूक्स?
भारत में अभी SG बॉल का दबदबा है, लेकिन जाजोदिया मानते हैं कि प्रतिस्पर्धा जरूरी है. उन्होंने कहा, “400 रुपये में अच्छी बॉल नहीं मिल सकती. अगर अच्छी गुणवत्ता चाहिए तो थोड़ा ज्यादा खर्च करना होगा.” उनका लक्ष्य ड्यूक्स को इंटरनेशनल और फर्स्ट क्लास के साथ-साथ क्लब और स्टेट लेवल पर भी लाना है.
आलोचना जायज, लेकिन सुधार जारी
जाजोदिया ने साफ कहा कि खिलाड़ियों की आलोचना वे गंभीरता से ले रहे हैं और लगातार क्वालिटी सुधारने में जुटे हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आलोचना सोच-समझकर होनी चाहिए क्योंकि इसके पीछे कई लोगों की मेहनत और नौकरियां लगी हैं. ड्यूक्स अब भारत में नई शुरुआत करने जा रहा है और आने वाले समय में SG को कड़ी टक्कर मिल सकती है.




