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गुवाहाटी टेस्ट में टीम इंडिया घिरी. 549 रन का पहाड़ और दो ओपनर आउट. आखिरी दिन चमत्कार ही भरोसा

गुवाहाटी टेस्ट में भारत 549 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए संघर्ष कर रहा है। दूसरे innings में दोनों ओपनर आउट होकर लौटे। दक्षिण अफ्रीका मैच और सीरीज जीतने के बेहद करीब है और भारत को अब आखिरी दिन चमत्कार की जरूरत है।

गुवाहाटी टेस्ट के चौथे दिन का खेल खत्म होते ही तस्वीर साफ हो गई कि दक्षिण अफ्रीका सीरीज अपने नाम करने के बेहद करीब है. भारत के लिए हालात इतने खराब हैं कि टीम की साख एक बार फिर संकट में पड़ती दिख रही है. 549 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही और दोनों ओपनर पवेलियन लौट गए.

ओपनर दबाव में टूटा मनोबल
पहली पारी में अर्धशतक जमाने वाले यशस्वी जायसवाल दूसरी पारी में टिक नहीं पाए. इस सीरीज में तीसरी बार मार्को यानसन ने उन्हें चलता किया. वहीं अनुभवी केएल राहुल को हॉर्मर ने आउट किया. भारत ने 27 रन पर दो विकेट खोकर खुद पर हार का खतरा और बढ़ा लिया.

स्टब्स की पारी ने बदला मैच का रुख
दक्षिण अफ्रीका की दूसरी इनिंग की सबसे बड़ी हाइलाइट ट्रिस्टन स्टब्स की 94 रन की शानदार पारी रही. उनकी बदौलत मेहमान टीम ने 5 विकेट पर 260 रन बनाए. इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका की बढ़त 549 रन तक जा पहुंची. भारत की पहली पारी 201 पर सिमटने के बाद मैच पूरी तरह अफ्रीकी टीम की पकड़ में है.

भारतीय गेंदबाज फिर बेरंग
पहले दो सत्रों में भारत की कोशिश थी कि दक्षिण अफ्रीका को जल्दी रोका जाए, लेकिन जॉर्जी और स्टब्स ने मिलकर स्पिनरों को निशाना बनाया. दोनों ने 101 रन की साझेदारी कर भारत को बैकफुट पर धकेल दिया. जडेजा ने जॉर्जी को पगबाधा आउट किया, वरना साझेदारी और लंबी जा सकती थी.

फील्डर्स भी ढीले पड़े
दूसरे सत्र में भारतीय फील्डरों के हावभाव से साफ था कि वे सिर्फ दक्षिण अफ्रीका की घोषणा का इंतजार कर रहे थे. गेंदबाजों के सामने अफ्रीकी बल्लेबाज स्वीप और ड्राइव से रन बटोरते रहे. स्टब्स ने 9 चौके और 1 छक्का जमाया, जबकि जॉर्जी ने चार चौके और एक छक्का लगाया.

अफ्रीका के टॉप ऑर्डर ने भी किया कमाल
रिकलेटन और मार्क्रम ने एक बार फिर अच्छी शुरुआत दी. दोनों ने अर्धशतकीय साझेदारी की. जडेजा ने दोनों को आउट किया, जिसमें रिकलेटन का कैच मोहम्मद सिराज ने हवा में उछलकर शानदार तरीके से पकड़ा. मार्क्रम का ऑफ स्टंप जडेजा की घूमती गेंद से उखड़ गया.

आखिरी दिन असंभव जैसी चुनौती
अब भारतीय टीम के सामने आखिरी दिन 90 ओवर में 522 रन बनाने जैसा लगभग नामुमकिन काम है. मैच पूरी तरह दक्षिण अफ्रीका की पकड़ में है और भारत को एक और हार से बचाने के लिए चमत्कार के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.

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