
PCB पर फिर उठे गंभीर सवाल, जेसन गिलेस्पी का चौंकाने वाला खुलासा, कोच रहते हुए अपमान और पर्दे के पीछे की सच्चाई
जेसन गिलेस्पी ने PCB पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कोच रहते हुए उन्हें अपमान और नजरअंदाजी झेलनी पड़ी। असिस्टेंट कोच हटाने से लेकर भुगतान विवाद तक, उनके खुलासों ने बोर्ड की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज और पाकिस्तान टेस्ट टीम के पूर्व कोच जेसन गिलेस्पी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। एक्स पर हुए एक सवाल जवाब सत्र के दौरान गिलेस्पी ने बताया कि कोच रहते हुए उन्हें बार बार नजरअंदाज किया गया और बोर्ड के व्यवहार से उन्हें अपमानित महसूस हुआ। उन्होंने साफ कहा कि दिसंबर 2024 में इस्तीफा देने के पीछे सिर्फ नतीजे नहीं बल्कि PCB का रवैया जिम्मेदार था। गिलेस्पी के मुताबिक हेड कोच होने के बावजूद उनसे अहम फैसलों पर कोई बातचीत नहीं की गई जिससे काम करना बेहद मुश्किल हो गया।
असिस्टेंट कोच हटाने से बढ़ा विवाद
गिलेस्पी और PCB के बीच टकराव की सबसे बड़ी वजह तब सामने आई जब बोर्ड ने सीनियर असिस्टेंट कोच टिम नीलसन को अचानक हटा दिया। गिलेस्पी ने बताया कि उन्हें इस फैसले की न तो पहले जानकारी दी गई और न ही बाद में कोई स्पष्टीकरण दिया गया। उन्होंने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य करार दिया। गिलेस्पी का कहना है कि टीम मैनेजमेंट की रीढ़ माने जाने वाले कोचिंग स्टाफ में इस तरह के फैसले बिना चर्चा के लेना सम्मान के खिलाफ है। यही नहीं उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे और भी कई मामले थे जिनमें बोर्ड ने हेड कोच की भूमिका को कमजोर किया।
दबाव में शुरू हुआ कोचिंग सफर
गिलेस्पी का पाकिस्तान के साथ कोचिंग सफर आसान नहीं रहा। उन्हें एक ऐसी टीम मिली जो आत्मविश्वास और निरंतरता दोनों से जूझ रही थी। सितंबर में बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 0-2 की हार ने उनके कार्यकाल पर शुरुआती दबाव बना दिया। इस हार ने पाकिस्तान बल्लेबाजी की पुरानी समस्याओं और टीम संतुलन की कमियों को उजागर कर दिया। हालांकि इसके बाद टीम ने वापसी की और इंग्लैंड को घरेलू मैदान पर 2-1 से हराया। इस जीत के बावजूद गिलेस्पी के मुताबिक बोर्ड का रवैया नहीं बदला और अंदरूनी समस्याएं बनी रहीं।
पैसे और अनुबंध पर भी खिंचाव
गिलेस्पी और PCB के बीच विवाद सिर्फ सम्मान तक सीमित नहीं रहा बल्कि भुगतान को लेकर भी मामला गरमाया। इस्तीफे के बाद गिलेस्पी ने आरोप लगाया था कि बोर्ड ने उन्हें पूरी राशि का भुगतान नहीं किया। PCB ने पलटवार करते हुए कहा कि गिलेस्पी ने चार महीने की नोटिस अवधि पूरी नहीं की जिससे अनुबंध का उल्लंघन हुआ। दोनों पक्षों के इन आरोप प्रत्यारोपों ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं और गिलेस्पी के खुलासे ने एक बार फिर PCB के अंदरूनी माहौल को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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