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आखिरी गेंद पर थमी सांसें, झारखंड ने 1 रन से कैसे पलटा मैच, जानकर हैरान रह जाएंगे आप ?

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में झारखंड ने मध्य प्रदेश को आखिरी गेंद पर 1 रन से हराया। ईशान किशन की फिफ्टी और सुशांत मिश्रा के साहसी अंतिम ओवर ने मैच पलट दिया, जिससे झारखंड ने लगातार 9वीं जीत दर्ज की।

पुणे के महाराष्ट्रा क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 के सुपर लीग ग्रुप ए मुकाबले में झारखंड ने रोमांच की सारी हदें पार कर दीं। मध्य प्रदेश के खिलाफ खेले गए इस मैच में झारखंड ने सिर्फ 1 रन से जीत दर्ज की। मुकाबला आखिरी गेंद तक गया और दर्शकों की सांसें थमी रहीं। इस जीत के साथ झारखंड ने टूर्नामेंट में लगातार 9वां मैच जीत लिया है और अब तक एक भी मुकाबला नहीं हारा है। यह जीत टीम के आत्मविश्वास और शानदार फॉर्म को साफ तौर पर दिखाती है।

ईशान किशन की तूफानी फिफ्टी से स्कोर
झारखंड के कप्तान ईशान किशन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम ने 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 181 रन बनाए। ईशान किशन ने कप्तानी पारी खेलते हुए सिर्फ 30 गेंदों में 63 रन ठोके। उनकी पारी में आक्रामक शॉट्स और तेज रन देखने को मिले, जिसने झारखंड को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अनुकूल रॉय ने 29 रन जोड़कर उनका साथ दिया। हालांकि इनके अलावा बाकी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके, जिससे टीम 180 के आसपास ही सिमट गई। इसके बावजूद यह स्कोर मुकाबले को रोमांचक बनाने के लिए काफी साबित हुआ।

मध्य प्रदेश की मजबूत जवाबी बल्लेबाजी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी मध्य प्रदेश की शुरुआत अच्छी रही। हर्ष गावली ने 61 रनों की अहम पारी खेली, जबकि हरप्रीत सिंह भाटिया ने नाबाद 77 रन बनाकर अंत तक संघर्ष जारी रखा। 19 ओवर के बाद मध्य प्रदेश को जीत के लिए आखिरी ओवर में 13 रन चाहिए थे। मैच पूरी तरह खुला हुआ था और दबाव झारखंड के गेंदबाजों पर था। इसी मौके पर युवा तेज गेंदबाज सुशांत मिश्रा को जिम्मेदारी सौंपी गई, जिनके सामने चुनौती बड़ी थी और गलती की कोई गुंजाइश नहीं थी।

सुशांत का आखिरी ओवर बना जीत की कहानी
आखिरी ओवर में सुशांत मिश्रा ने जबरदस्त हिम्मत दिखाई। पहली गेंद पर चौका जरूर लगा, फिर एक वाइड और एक नो बॉल से दबाव और बढ़ा। लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की। उन्होंने रजत पाटीदार का अहम विकेट लिया और बाकी गेंदों पर रन रोकने में कामयाब रहे। आखिरी गेंद पर मध्य प्रदेश को जीत के लिए 3 रन चाहिए थे, लेकिन सुशांत ने सिर्फ 1 रन दिया। इसी के साथ झारखंड ने 1 रन से मैच जीत लिया। यह जीत सिर्फ स्कोर की नहीं, बल्कि धैर्य, आत्मविश्वास और टीम भावना की जीत थी, जिसने झारखंड को टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में शामिल कर दिया है।

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