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कबूतर, सांप और क्रिकेट: जब पिच पर आ जाते हैं ‘अनवॉन्टेड’ मेहमान

ओवल टेस्ट में कबूतरों ने खेल में खलल डाला, जिससे दर्शकों और खिलाड़ियों का ध्यान भटका. क्रिकेट में ऐसे घटनाक्रम पहले भी देखे गए हैं — सांप, मोर या कौवे का मैदान पर आना खेल को अनिश्चित और मनोरंजक बना देता है.

लंदन के ‘द ओवल’ में भारत और इंग्लैंड के बीच पांचवां टेस्ट गुरुवार (31 जुलाई) से शुरू हुआ, लेकिन पहले दिन का खेल बारिश और हरी-भरी पिच के साथ-साथ एक और मेहमान के नाम रहा — कबूतर. बारिश के चलते दिनभर में केवल 64 ओवर फेंके जा सके और भारत का स्कोर 204/6 पर सिमटा. बीच-बीच में कबूतरों का झुंड पिच के करीब आ जाता, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों की नज़र बंटती रही. एक मौके पर तो गेंद, कबूतर से टकराते-टकराते बची.

अगर खेल के दौरान गेंद किसी जानवर, पक्षी या मैदान में आई अन्य वस्तु से टकरा जाए, तो अंपायर उस गेंद को ‘डेड बॉल’ घोषित करते हैं. MCC (मेरिलेबोर्न क्रिकेट क्लब) के नियम 20.4.2.12 के तहत यह फैसला पूरी तरह अंपायर के विवेक पर निर्भर है. अगर टकराव के चलते किसी टीम को नुकसान हुआ हो तो गेंद डेड मानी जाएगी. लेकिन यदि दोनों अंपायर मान लें कि गेंद वैसे भी बाउंड्री तक जाती, तो बाउंड्री दी जाएगी. यानी, अगर साई सुदर्शन के सामने बल्लेबाजी के दौरान कबूतर आ जाता और वह बोल्ड हो जाते, तो भी वह गेंद डेड बॉल होती.

क्रिकेट के मैदान में ऐसे नज़ारे पहले भी कई बार देखने को मिले हैं. इंग्लैंड में कई काउंटी मैचों के दौरान मोर तक पिच पर टहलते नजर आए हैं. ऑस्ट्रेलिया में सीगल पक्षी और कबूतरों का झुंड आम बात है, जबकि दक्षिण अफ्रीका में हैडेडा आइबिस का दिखना सामान्य है. भारत में कई बार कौवे मैच के बीच में नज़र आते हैं. 2022 में गुवाहाटी में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी20 इंटरनेशनल मैच के दौरान तो सांप ने ही ग्राउंड पर एंट्री मार दी थी, जिससे मैच कुछ देर के लिए रोकना पड़ा.

हालांकि यह ‘अनवॉन्टेड’ मेहमान खेल की लय बिगाड़ते हैं, लेकिन दर्शकों के लिए यह नजारा किसी सरप्राइज पैकेज से कम नहीं होता. पिच पर कबूतरों की फड़फड़ाहट या मैदान में अचानक किसी जानवर का आ जाना, क्रिकेट को उसके अनिश्चित और मनोरंजक पहलू के साथ और भी खास बना देता है.