
WWE Unreal”: बचपन का सपना, रिंग के पीछे की असली कहानी
नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री "WWE Unreal" दिखाती है कि WWE की फाइट्स स्क्रिप्टेड होती हैं, लेकिन चोटें असली. रेसलर्स की पर्सनल लाइफ, बैकस्टेज की प्लानिंग और "केफेब" का सच सामने लाकर ये शो फैंस को और करीब लाता है.
हम में से कई लोगों का बचपन WWE के हीरो, उनकी धमाकेदार एंट्री और किलर मूव्स के साथ बीता. लेकिन नेटफ्लिक्स की नई डॉक्यूमेंट्री “WWE Unreal” इस खेल के पीछे का सच सामने लाती है. बचपन में दिल तब टूटा था जब पता चला कि अंडरटेकर और केन असल में सगे भाई नहीं हैं. अब यह सीरीज़ बताती है कि इन किरदारों की रचना और फाइट्स की कहानी कैसे पहले से तय होती है.
स्क्रिप्टेड शो, असली चोटें
डॉक्यूमेंट्री दिखाती है कि WWE की फाइट्स स्क्रिप्टेड जरूर होती हैं, लेकिन रेसलर्स की चोटें पूरी तरह असली होती हैं. मैच जीतने-हारने के फैसले राइटर्स रूम में होते हैं, लेकिन रिंग में उतरने वाले ये खिलाड़ी सचमुच अपनी जान जोखिम में डालते हैं. ये वही सुपरहीरो हैं जो टूटी हड्डियों के बाद भी अगली बार पूरी स्पिरिट के साथ रिंग में लौटते हैं.
रेसलर्स की दूसरी जिंदगी
“WWE Unreal” में जॉन सीना, सीएम पंक, ट्रिपल एच और द रॉक जैसे सुपरस्टार्स की पर्सनल लाइफ भी दिखाई गई है. पर्दे पर ताकतवर किरदार निभाने वाले ये रेसलर्स असल जिंदगी में उतने ही आम इंसान हैं जितने हम-आप. जब उन्हें बड़े इवेंट का स्टार बनने का मौका मिलता है तो उनका रिएक्शन देखना अपने आप में इमोशनल है.
केफेब का सच
रेसलिंग की दुनिया में स्क्रिप्टेड रियलिटी को “केफेब” कहा जाता है. पब्लिक के सामने कभी यह नहीं आने दिया जाता कि सबकुछ पहले से तय है. लेकिन इंटरनेट के दौर में फैंस को जानने की चाह और बढ़ गई. “WWE Unreal” इस भ्रम को तोड़ते हुए बैकस्टेज की पूरी कहानी दिखाती है, जिससे दर्शक इस शो से और जुड़ जाते हैं.
फैन बनने का नया कारण
सीरीज़ का नैरेटिव “रॉ” से लेकर “रोड टू रेसलमेनिया” और फिर “रेसलमेनिया” तक जाता है. बैकस्टेज रेसलर्स की दोस्ती, चोटों पर चर्चा और क्रिएटिव टीम की प्लानिंग देखने के बाद WWE के प्रति प्यार और बढ़ जाता है. सच सामने आने के बाद भी, इस शो की अगली कहानी आपको फिर चौंकाने के लिए तैयार रहती है.




